राज्यपाल पर कर्नाटक सरकार को अस्थिर करने का आरोप
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक के राज्यपाल एच.आर.भारद्वाज राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं और कहा कि वह राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील से उन पर नियंत्रण लगाने को कहेगी।
भारद्वाज ने मंगलवार को राष्ट्रपति से मुलाकात की और बाद में कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को पनपने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके जवाब में भाजपा ने यह प्रतिक्रिया प्रकट की।
भाजपा के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राज्यपाल कांग्रेस के एक वफादार हैं जो भाजपा के खिलाफ प्रचार कर रहे हैं और उनको लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सरकार में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है।
प्रसाद ने कहा, "भारद्वाज को यह तय करना चाहिए कि वह एक संवैधानिक पद पर हैं या कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने जिस तरह का बयान दिया है, उसका हम कड़ा विरोध करते हैं और हम राष्ट्रपति से मांग करेंगे कि कृपया अपने राज्यपाल को रोकिए।"
उन्होंने कहा कि राज्यपाल निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने के लिए एक एजेंट नहीं बन सकता।
उधर विधानसभा में रात गुजारने के बाद कर्नाटक के कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के विधायक मंगलवार को भी बेंगलुरू में विधानसभा के सामने धरने पर बैठे रहे।
उनके नेताओं ने कहा कि राज्य में अवैध खनन की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की उनकी मांग पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहमत होने तक धरना जारी रहेगा।
विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने संवाददाताओं से मंगलवार को कहा, "राज्य में अनियंत्रित लौह अयस्क खनन की सीबीआई जांच की हमारी मांग पर भाजपा के सहमत नहीं होने तक विधानसभा के समक्ष हमारा चौबीसों घंटे का धरना जारी रहेगा।"
जद (एस) के नेता एच.डी. रेवन्ना ने उनसी सहमति जताते हुए कहा कि उनकी पार्टी के विधायक मांग पूरी होने से पहले धरने से नहीं उठेंगे।
पर्यटन मंत्री जी.जनार्दन रेड्डी, उनके बड़े भाई और राजस्व मंत्री जी.करुणाकर रेड्डी तथा छोटे भाई विधानसभा सदस्य जी.सोमशेखर रेड्डी पर बेल्लारी और उससे लगे आंध्र प्रदेश में बड़े पैमाने पर लौह अयस्क का अवैध खनन कराने का आरोप है।
वर्ष 2003 से अब तक तीन करोड़ टन से अधिक लौह अयस्क का अवैध खनन और निर्यात हो चुका है। कांग्रेस और जद (एस) का दावा है कि इससे करीब 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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