पंजाब में घग्गर नदी में नई दरार, कई गांव डूबे
उन्होंने कहा कि राज्य के बाढ़ प्रभावित सभी जिलों में बचाव कार्य जारी है। कुछ स्थानों पर पानी का स्तर कम हुआ है जबकि कुछ स्थानों पर पानी का बहाव चिंताजनक स्तर पर बना हुआ है।उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए आपात योजना को मंजूरी दी।
बादल ने कहा, "बाढ़ प्रभावित 2.5 लाख एकड़ खेतों में से 1.5 लाख एकड़ की फसलों की स्थिति गंभीर है। प्रारंभिक आंकड़े के मुताबिक लगभग 480 करोड़ रुपये की फसलों का नुकसान हो सकता है।"उधर बाढ़ के कारण शनिवार की देर शाम संगरूर जिले में एक और व्यक्ति की मौत हो गई। इसके साथ ही पंजाब में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ कर 22 हो गई। अब तक पंजाब और हरियाणा में बाढ़ के कारण कुल 33 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है।
बादल ने कहा, "वास्तविक नुकसान के आंकलन बाद, जिन किसानों की 70 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गई हैं, उन्हें प्रति एकड़ 5,000 रुपये, जबकि 50 से 70 प्रतिशत के बीच के नुकसान वाले किसानों को प्रति एकड़ 3,000 रुपये और 50 प्रतिशत से कम नुकसान वालों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाएगा।" बादल ने कहा, "बाढ़ में जान गंवाने वाले 21 व्यक्तियों के परिजनों को अलग-अलग 100,000 रुपये पहले ही दिया जा चुका है। पशुओं की मौत की स्थिति में प्रति पशु 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।"
आधिकारिक रिकार्ड के अनुसार पटियाला में 234 गांव, लुधियाना में 200 गांव, फतेहगढ़ में 190 गांव, रूपनगर में 58 गांव, मोहाली में 55 गांव और संगरूर में 26 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।लुधियाना और पटियाला सहित पंजाब के कई स्थानों पर रविवार सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को पंजाब के कई स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान जताया है। पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी रविवार को हल्की बारिश हुई।
अंबाला के उपायुक्त समीर पाल स्राव ने कहा कि सुबह बारिश हुई, लेकिन इससे अंबाला में राहत कार्य प्रभावित नहीं हुआ। बाढ़ पीड़ितों को भोजन और अन्य सहायता मुहैया करवाई गई। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।इस सप्ताह आई बाढ़ से हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र और कैथल जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली को पंजाब, हरियाणा और जम्मू एवं कश्मीर से जोड़ने वाले अंबाला-दिल्ली सेक्शन पर रविवार सुबह सेवाएं सामान्य रहीं।
अंबाला रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि कुछ रेल सेवाओं में विलंब हुआ लेकिन संचालन में कोई बड़ी समस्या नहीं आई।दूसरी ओर हरियाणा के कैथल जिले के अधिकारियों ने घग्गर नदी और अन्य नहरों में पानी का बहाव खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण रविवार को बाढ़ के खतरे की आशंका प्रकट की है। कैथल की उपायुक्त अमनीत पी.कुमार ने रविवार को कहा कि कैथल जिले के गुहला में घग्गर में पानी खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर बह रहा है। इसके अलावा जिले से गुजरने वाली हांसी-बुटना लिंक नहर में 3,000 क्यूसेक पानी बह रहा है।
हरियाणा के कैथल, अंबाला और कुरुक्षेत्र जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। राज्य में बाढ़ से अब तक 11 लोग मारे गए हैं।कैथल में बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में कुमार ने कहा, "बाढ़ से चार लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। करीब एक लाख हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ग्रस्त हुई है और तीन करोड़ रुपये मूल्य की फसलें क्षतिग्रस्त हुई हैं।"
उन्होंने कहा कि 96 आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं और 4.60 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ। कुल अनुमानित नुकसान करीब 8.14 करोड़ रुपये है।अधिकारियों के अनुसार नोएडा के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के 90 लोगों का एक दल और सेना के 65 जवान कैथल में राहत कार्यो में लगे हैं। कुमार ने कहा, "किसी भी स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है। हमारे पास पानी के 15,000 पाउच, 15,000 बालू की बोरियां, 60 डीजल पंप और 20 ट्रैक्टर ट्रॉली तैयार हैं।"













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