युद्ध अपराधों की जांच का विरोध अनुचित : मून
कोलंबो, 10 जुलाई (आईएएनएस)। श्रीलंका में कथित युद्ध अपराधों की संयुक्त राष्ट्र द्वारा जांच कराए जाने के खिलाफ एक पूर्व कैबिनेट मंत्री की भूख हड़ताल शनिवार को लगातार तीसरे दिन जारी रही। जबकि संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने श्रीलंका सरकार से संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर हालात सामान्य बनाने का आग्रह किया है।
सरकार के समर्थकों ने कोलंबो स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर मंगलवार अपना विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इसके बाद आवास एवं निर्माण मंत्री विमल वीरावांसा ने गुरुवार से अपनी भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। वीरावांसा का कहना है कि उनकी भूख हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक संयुक्त राष्ट्र उस जांच दल को गठित करने का फैसला वापस नहीं ले लेता जिसे श्रीलंका में गृह युद्ध के आखिरी दौर में कथित युद्ध अपराधों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विरोध प्रदर्शन को शुरू करने वाली गठबंधन सरकार में शामिल नेशनल फ्रीडम फ्रंट (एनएफएफ) के एक प्रवक्ता ने बताया, "जब तक गठित दल को वापस लेने का फैसला नहीं लिया जाता तब तक विरोध प्रदर्शन को खत्म करने की हमारी कोई योजना नहीं है।"
वीरावांसा ने इन आरोपों के बाद शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था कि सरकार ने अपने एक मंत्री को संयुक्त राष्ट्र के विरुद्ध प्रदर्शन करने की अनुमति दी है हालांकि वह सांसद और एनएफएफ नेता बने रहेंगे।
संयुक्त राष्ट्र के स्थानीय समन्वयक को न्यूयार्क वापस बुलाने के आदेश के बाद मून ने सरकार से कोलंबो स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर हालात सामान्य करने के लिए तत्काल कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
मून के प्रवक्ता ने कहा, "महासचिव का मानना है कि युद्ध अपराधों के लिए गठित जांच दल पर ऐसी तीखी प्रतिक्रिया अनुचित है।"
उल्लेखनीय है कि मून ने पिछले महीने तीन विशेषज्ञों का एक दल नियुक्त किया था जिससे कहा गया है वह श्रीलंका में 26 साल के गृह युद्ध के आखिरी चरण में श्रीलंकाई सरकार की जवाबदेही के संबंध में अपने विचार दे। इस युद्ध में पिछले साल तमिल विद्रोहियों की हार हुई थी और इसमें हजारों लोग मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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