'ऐसी सुरक्षा किस काम की, जिससे गोद सूनी हो जाए..' (लीड-1)
लखनऊ, 9 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन की सुरक्षा व्यवस्था के चलते समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण जान गंवाने वाले सात वर्षीय अमान के शोकाकुल परिवार का कहना है, "ऐसी सुरक्षा किस काम की, जिससे गोद सूनी हो जाए। किसी और के साथ ऐसा न हो।"
मृतक अमान के परिवार के सदस्यों ने शुक्रवार को लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि अगर मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी उन्हें अस्पताल जाने देते तो समय पर घायल बच्चे (अमान) का इलाज शुरू हो जाता और उसकी जान बच जाती।
उल्लेखनीय है कि कानपुर के श्यमानगर में अमान के सिर पर तीन जुलाई को लोहे का गेट गिर गया था। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। अमान के परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर जगह-जगह यातायात रोके जाने की वजह से कथित तौर पर उसे अस्पताल ले जाने में देरी हो गई।
अमान की मां उषा वर्मा ने कहा, "हमने पुलिसकर्मियों से गुजारिश की थी। अगर हमें जाने दिया जाता तो हम पांच मिनट में वहां से सवरेदय नगर स्थित रेजेंसी अस्पताल पहुंच जाते। डाक्टरों का कहना था कि अमान को अस्पताल पहुंचने में 15-20 मिनट की देरी हो गई, वरना वह बच सकता था।"
अमान के पिता तहादुद हुसैन खान ने कहा, "अस्पताल से लगभग एक किलोमीटर दूर कोका कोला चौराहे पर पुलिस ने ग्रैंड ट्रंक रोड को अवरुद्ध कर दिया था। हमने पुलिसकर्मियों से बच्चे को अस्पताल ले जाने देने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने हमारी कार को नजीराबाद पुलिस स्टेशन की तरफ से घुमा दिया। इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी हुईं थीं। हमें अस्पताल पहुंचने में लगभग 30 मिनट लग गया।"
अमान के परिवार ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की प्रमुख और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर ऐसे कदम उठाने की मांग की है, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
उषा ने कहा, "हमने सोनिया जी को पत्र लिखकर कहा है कि ऐसी सुरक्षा व्यवस्था किस काम की, जिससे किसी मां की गोद सूनी हो जाए। हमने उनसे प्रार्थना की है कि वह ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिससे किसी दूसरे के साथ ऐसा न हो।"
अमान की 16 वर्षीय बहन स्वाति घटना के बारे बताते हुए रो पड़ी। उसने कहा, "बार-बार मेरी आंखों के सामने खून से लथपथ भाई का चेहरा सामने आ जाता है। पुलिसकर्मियों द्वारा रोके जाने के चलते मेरे भाई की जान नहीं बच पाई।"
ज्ञात हो कि तीन जुलाई को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कानपुर आईआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल होने लखनऊ पहुंचे थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications