एनडीएफबी ने रेलगाड़ियों को निशाना बनाने की धमकी दी
एनडीएफबी ने गुरुवार को पश्चिमी असम में गरीब रथ एक्सप्रेस पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली है, इस घटना में एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हुए थे। इससे पहले असम में अक्टूबर 2008 में श्रंखलाबद्ध धमाके हुए थे।
एनडीएफबी ने अपने बयान में कहा, "इस तरह के हमले आगे भी होंगे इसलिए एनडीएफबी दक्षिण पूर्व हिमालयी प्रदेश (पूर्वोत्तर भारत) के लोगों से अपील करता है कि सरकारी वाहनों और रेलगाड़ियों में यात्रा न करें अन्यथा इसके दुष्परिणाम के लिए हम जिम्मेदार नहीं होंगे।"
उग्रवादी संगठन ने अपने बयान में कहा कि वह न्यायिक हिरासत में रखे गए अपने नेता रंजन दायमेरी से अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में ये हमले कर रहा है।
एनडीएफबी ने कहा, "लोगों की सुरक्षा केवल कागजी है, पुलिस और सुरक्षा बल पहले सूचना प्राप्त कर लेते हैं, लोगों को मीडिया के जरिए हमले की संभावना की जानकारी दी जाती है लेकिन हमले की जगह का पता लगाने में वे असफल रहते हैं। एनडीएफबी कोकरीझार जिले में रेलवे पटरी पर श्रंखलाबद्ध विस्फोट की जिम्मेदारी लेता है जिसमें गरीब रथ एक्सप्रेस हमारा निशाना बनी।"
असम सरकार ने बुधवार को एनडीएफबी द्वारा श्रंखलाबद्ध हमलों की खूफिया जानकारी मिलने पर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया था।
गुवाहाटी के वकील रंजीत दास ने कहा, "रेलगाड़ियों पर हमले और बेगुनाह लोगों को मारने के लिए विस्फोट करने की इन धमकियों के चलते अब यह स्पष्ट हो गया है कि एनडीएफबी एक क्रांतिकारी संगठन की जगह एक आतंकवादी संगठन बन गया है।"
एनडीएफबी पर 30 अक्टूबर 2008 को असम में श्रंखलाबद्ध विस्फोट करने का आरोप लगा था इन हमलों में 100 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा घायल हो गए थे।
असम के पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) भास्करज्योति महंत ने आईएएनएस से कहा, "एनडीएफबी बोडो जनजाति के लिए नहीं लड़ रहा है उसने बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ युद्ध छेड़ा है उसे केवल पैसे और लोगों का खून बहाने में रुचि है।"
एनडीएफबी दावा करता है कि वह असम में बोडो जनजाति की स्वतंत्र देश की मांग के लिए संघर्ष कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications