पूजास्थलों में हथियार की अनुमति संबंधी कानून पर दस्तखत
विधेयक पर मंगलवार रात को हस्ताक्षर हुए। इसमें हर वर्ष आठ घंटे का रणनीतिक प्रशिक्षण लेने वाले व्यक्तियों को किसी भी गिरजाघर, मस्जिद, सिनेगॉग या अन्य पूजास्थल में हथियार ले जाने की अनुमति होगी।
रिपब्लिकन पार्टी के स्टेट रिप्रजेंटेटिव्स हेनरी बर्न्स ने विधेयक को पेश किया था। इसके अनुसार पूजास्थल के प्रमुख को मौखिक तौर पर या साप्ताहिक समाचार में इस बात की घोषणा करनी होगी कि सदस्य हथियार रख सकते हैं।
इस कानून के समर्थकों का कहना है कि इससे गिरजाघरों में आपराधिक गतिविधियों से बचाव होगा और मंत्रियों तथा पादरियों को अपनी सुरक्षा के उपायों को लागू करने का अवसर मिलेगा।
नया विधेयक 15 अगस्त से प्रभावी होगा। जिंदल ने इस विधेयक पर कोई टिप्पणी नहीं की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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