सरकारी वकीलों की कमी पर यूपीएससी से जवाब तलब
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में सरकारी वकीलों के 215 पदों में से 44 रिक्त हैं।
मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा एवं न्यायाधीश मनमोहन की खंडपीठ ने संघ लोक सेवा आयोग से 21 जुलाई तक जवाब देने को कहा है।
अदालत ने यह निर्देश तब जारी किया, जब दिल्ली सरकार ने अपील दायर कर बताया कि उसने 24 जून को संघ लोक सेवा आयोग से सरकारी वकील नियुक्त करने का आग्रह किया था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सका।
उच्च न्यायालय ने कुछ विचाराधीन कैदियों के मामलों को लेकर पिछले वर्ष दिल्ली सरकार का ध्यान एक पत्र के माध्यम से इस ओर आकृष्ट किया था।
मामलों की सुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में यह बात आई कि सरकारी वकीलों के अभाव में कई विचाराधीन कैदी लंबे समय से जेल में बंद हैं।
अदालत ने सरकार से सरकारी वकीलों के कार्यशर्तो पर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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