श्रीनगर में सेना का फ्लैग मार्च (लीड-2)
इस बीच केंद्रीय गृह सचिव जी. के. पिल्लै घाटी में स्थिति का जायजा लेने के लिए श्रीनगर पहुंचने वाले हैं, जबकि रक्षा राज्य मंत्री एम.एम. पल्लम राजू ने कहा है कि घाटी में शांति बनाए रखने के लिए जब तक आवश्यक होगा तब तक सेना तैनात रहेगी।
सेना के जवान श्रीनगर के बटमालू, बेमिना और क्वामारवाड़ी के कर्फ्यूगस्त इलाकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। मंगलवार शाम को राज्य सरकार की मांग पर सेना ने इन इलाकों में हालात पर नियंत्रण बनाने के लिए मोर्चा संभाल लिया था।
राज्य सरकार ने कर्फ्यू लागू कराने के लिए पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की मदद करने के लिए सेना से अपील की थी।
सेना के सूत्रों ने कहा कि हालांकि सेना को श्रीनगर में भीड पर नियंत्रण करने का ज्यादा अनुभव नहीं है लेकिन यहां कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
हालात का जायजा लेने के लिए श्रीनगर पहुंच रहे पिल्लै मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मंगलवार को नई दिल्ली में सुरक्षा मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में पिल्लै को श्रीनगर भेजने का फैसला हुआ था।
यहां के बारामूला, सोपोर, पट्टन, चादोरा, माचुआ और अनंतनाग कफ्र्य लगा है। श्रीनगर के बटमालू इलाके में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन हुए थे।
मंगलवार सुबह बटमालू इलाके में एक 17 वर्षीय युवक की लाश मिलने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि युवक की मौत सुरक्षा बलों द्वारा उसका पीछा किये जाने के कारण नाले में डूबने से हुई थी।
इसके बाद यहां हुए विरोध प्रदर्शनों में एक 35 वर्षीय सरकारी कर्मचारी फैय्याज अहमद वानी और एक 25 वर्षीय महिला फैंसी की सुरक्षाबलों की गोलीबारी में हो गई थी। इसके अलावा एक अन्य किशोर की भी मौत सुरक्षा बलों की गोलीबारी में हुई थी।
इस बीच रक्षा राज्य मंत्री एम. एस. पल्लम राजू ने नई दिल्ली में कहा कि श्रीनगर में जब तक जरूरत होगी तब सेना वहां रुकेगी।
राजू ने कहा, "श्रीनगर में सेना तब तक तैनात रहेगी जब तक इसकी जरूरत है। हम चाहेंगे कि सेना का काम वहां जल्द खत्म हो जाए।"
विरोध प्रदर्शनों के दौरान मंगलवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों सहित 90 से अधिक लोग घायल हुए थे।
राजू ने कहा कि श्रीनगर में स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही जनजीवन सामान्य हो जाएगा। उल्लेखनीय है कि मंगलवार को रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने भी कश्मीर घाटी के हालात पर चिंता जताई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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