नक्सली बंद : प्रभावित इलाकों में व्यापक असर (लीड-2)
नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ में लौह अयस्कों की ढुलाई प्रभावित हुई है जबकि पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में बंद का व्यापक असर रहा। उड़ीसा के आंतरिक इलाकों में रेल एवं सड़क यातायात प्रभावित हुआ।
बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र में बिकुआ गांव के नजदीक प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नक्सलियों ने गया-डुमरिया मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे यहां आवागमन पूरी तरह ठप्प पड़ गया।
गया के पुलिस अधीक्षक अमित लोढ़ा ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस पहुंच गई है। नक्सलियों ने सात से आठ फुट तक सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
झारखण्ड में इस बंद की वजह से ही सात रेलगाड़ियां रद्द कर दी गईं जबकि पांच के मार्ग में बदलाव किया गया। रेलवे के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "नक्सलियों के बंद के मद्देनजर सात रेलगाड़ियां रद्द की गईं हैं और पांच के मार्ग में बदलाव किया गया है।"
रद्द की गईं रेलगाड़ियों में पलामू एक्सप्रेस, बरवाडीह-डेहरी आसनसोल एक्सप्रेस, टाटा-खड़गपुर एक्सप्रेस और चक्रधरपुर-गोमो एक्सप्रेस शामिल हैं। पुलिस के प्रवक्ता वी. एच. देशमुख ने आईएएनएस को बताया, "राज्य में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।"
नक्सलियों के बंद का असर छत्तीसगढ़ में देखा गया। बस्तर में बुधवार को बाजार बंद रहे और सड़कों पर वाहन नहीं थे। राष्ट्रीय राजमार्गो पर हमलों की आशंका के चलते यहां भी सार्वजनिक परिवहन सेवा नदारद थी। बीजापुर, कांकेर और दंतेवाड़ा में जंगली इलाके की सड़कों पर नक्सलियों ने लकड़ी के शहतीर रखकर यातायात अवरुद्ध किया।
बस्तर की नारायणपुर-ओरछा सड़क, कांकेर जिले के पखंजूर और भानुप्रतापपुर में सड़कों को जाम किया गया। दंतेवाड़ा के राष्ट्रीय राजमार्ग 221 और बीजापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग 16 पर बसें नहीं चलीं।
रेल डिब्बों की अनुपलब्धता के कारण देश में सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक और निर्यातक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एनएमडीसी लिमिटेड का लौह अयस्क परिवहन प्रभावित हुआ।
आंध्र प्रदेश में बंद का आंशिक असर रहा। आदिलाबाद जिले के दूरस्थ इलाकों में भी बंद का कुछ खास असर देखा नहीं देखा गया जहां शीर्ष नक्सली नेता चुरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद को पिछले सप्ताह पुलिस ने एक कथित मुठभेड़ में मार गिराया। बहरहाल, नक्सलियों के एक अन्य मजबूत गढ़ तेलंगाना के हिस्सों में बंद का असर कम दिखा। नक्सलियों द्वारा रेलगाड़ियों को निशाना बनाने की संभावना को देखते हुए रेल अधिकारियों ने उड़ीसा और महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में कुछ रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया।
पश्चिम बंगाल के पश्चिमी मिदनापुर के पुलिस उपाधीक्षक (संचालन) अनीश सरकार ने कहा कि जिले के बिनपुर, ग्लालटोरे, लालगढ़ और सालबनी जैसे जनजातीय इलाकों में बंद का व्यापक असर दिखा। सरकार ने कहा कि सरकारी कार्यालय बंद हैं और बसें तथा कारें सड़कों पर नहीं दिखीं। बहरहाल झारग्राम कस्बे में कुछ व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले। बंद के समर्थन में झारग्राम में बड़ी संख्या में नक्सली पोस्टर लगे दिखे।
दक्षिण पूर्वी रेलवे के सूत्रों ने कहा कि लोकल रेलगाड़ियों का परिचालन सामान्य रहने के बावजूद टाटा स्टील एक्सप्रेस सहित कई अन्य लंबी दूरी की रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया।
पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव ने कहा कि अयोध्या पहाड़ी से लगे गांवों में बंद का सर्वाधिक प्रभाव रहा और दुकानें और बाजार बंद रहे।
बंद के कारण उड़ीसा के आंतरिक इलाकों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ। एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "मल्कानगिरी और रायगड़ा जिले के कुछ इलाकों में यातायात कम रहा और रायगड़ा जिले में भारी वाहन सड़कों से दूर रहे। रायगड़ा जिले में सरकारी बसें नहीं चलीं।"
उन्होंने कहा कि नक्सलियों के कंधमाल जिले में पेड़ गिराकर सड़क रोकने से कंधमाल जिले के कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। बंद को देखते हुए रेलवे ने नक्सली प्रभाव वाले इलाकों में कुछ रेलगाड़ियों को कम दूरी तक चलाने का फैसला किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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