पूर्वोत्तर में आजीविका परियोजना में मदद करेगा विश्व बैंक
विश्व बैंक चालू वित्त वर्ष (2010-11) में शुरू हुई, उत्तर पूर्व ग्रामीण आजीविका परियोजना (एनईआरएलपी) के लिए यह सहायता उपलब्ध कराएगा।
त्रिपुरा के ग्रामीण विकास एवं वन मंत्री, जीतेंद्र चौधरी ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया, "पायलट परियोजना, एनईआरएलपी पूर्वोत्तर के चारों राज्यों के दो-दो जिलों में क्रियान्वित की जाएगी। यह परियोजना उन लोगों के लिए रोजगार का सृजन करेगी, जिन्हें अभी तक किसी भी मध्यम या बड़ी परियोजना से मदद नहीं मिल पाई है।"
एनईआरएलपी के चार घटक हैं-सामाजिक सशक्तिकरण, आर्थिक सशक्तिकरण, साझेदारी विकास और प्रबंधन, परियोजना प्रबंधन।
चौधरी ने कहा, "एनईआरपीएल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बदलाव लाने में, गरीबी उन्मूलन में और स्थानीय व प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के जरिए व्यवहार्य रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसका लक्ष्य जनजातियों और अन्य पिछड़े लोगों का सामाजिक-आर्थिक विकास करना है।"
पूवरेत्तर क्षेत्र विकास (डीओएनईआर) विभाग ने आर्थिक मामलों के विभाग और विश्व बैंक के साथ मशविरा कर एनईआरएलपी को अंतिम रूप दिया है। यह परियोजना गुवाहाटी में पंजीकृत एक सोसायटी के जरिए लागू की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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