खालिदा जिया के बेटे पर भ्रष्टाचार का मामला आगे बढ़ा
मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में मंगलवार को पेश आरोप पत्र में एसीसी ने कहा कि रहमान और मैमून ने वर्ष 2003 से 2007 के बीच 20.4 करोड़ टका (29 लाख डॉलर) हासिल किए।
स्वास्थ्य कारणों से इस समय लंदन में रह रहे जिया के बड़े बेटे रहमान को पिछले वर्ष बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) का उपाध्यक्ष बनाया गया।
बीएनपी के नेता ने रहमान के खिलाफ लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताया और दावा किया कि इसका उद्देश्य रहमान को राजनीतिक परिदृश्य से बाहर रखना है।
आरोप पत्र में कहा गया है कि तारिक ने विभिन्न विदेशी कंपनियों और संस्थाओं से विदेशी मुद्रा में धन हासिल किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री खालिदा जिया का पुत्र होने के नाते उन्होंने अपने प्रभाव का उपयोग कर कंपनियों को ठेक दिलाने का वादा किया था।
एसीसी ने कहा कि पैसा लेते समय अपनी पहचान छिपाने के लिए तारिक ने सिंगापुर सिटीबैंक से जारी मैमून के खाते का उपयोग किया।
तारिक उनके व्यापारी भाई अराफात रहमान कोको और जिया को वर्ष 2007 में घूसखोरी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।
दिसंबर 2008 के संसदीय चुनाव से पहले स्वास्थ्य कारणों से कोको को सिंगापुर और रहमान को लंदन जाने की इजाजत दी गई। चुनाव में विजयी होकर शेख हसीना प्रधानमंत्री बन गईं।
इसके बाद हसीना के खिलाफ अधिकांश मामले वापस ले लिए गए वहीं जिया और उनके बेटों पर कई मामले जारी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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