नक्सली बंद: असर आंशिक पर रेल सेवाएं बाधित (लीड-1)
बिहार के नक्सल प्रभावित गया जिले के डुमरिया थाना क्षेत्र में बिकुआ गांव के नजदीक प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नक्सलियों ने गया-डुमरिया मार्ग को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे यहां आवागमन पूरी तरह ठप्प पड़ गया।
गया के पुलिस अधीक्षक अमित लोढ़ा ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस पहुंच गई है। नक्सलियों ने सात से आठ फुट तक सड़क को क्षतिग्रस्त कर दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है तथा नक्सलियों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
झारखण्ड में इस बंद की वजह से ही सात रेलगाड़ियां रद्द कर दी गईं जबकि पांच के मार्ग में बदलाव किया गया। रेलवे के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "नक्सलियों के बंद के मद्देनजर सात रेलगाड़ियां रद्द की गईं हैं और पांच के मार्ग में बदलाव किया गया है।"
रद्द की गईं रेलगाड़ियों में पलामू एक्सप्रेस, बरवाडीह-डेहरी आसनसोल एक्सप्रेस, टाटा-खड़गपुर एक्सप्रेस और चक्रधरपुर-गोमो एक्सप्रेस शामिल हैं। पुलिस के प्रवक्ता वी. एच. देशमुख ने आईएएनएस को बताया, "राज्य में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। नक्सल प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।"
नक्सलियों के बंद का असर छत्तीसगढ़ में देखा गया। यहां की सड़कों से लंबी दूरी तक जाने वालीं बसें नदारद हैं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि नक्सली कुछ जगहों पर यातयात व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं हालांकि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दूसरी ओर उड़ीसा में इस बंद का असर यातायात सेवाओं पर पड़ा है।
आंध्र प्रदेश में बंद का आंशिक असर रहा। आदिलाबाद जिले के दूरस्थ इलाकों में भी बंद का कुछ खास असर देखा नहीं देखा गया जहां शीर्ष नक्सली नेता चुरुकुरी राजकुमार उर्फ आजाद को पिछले सप्ताह पुलिस ने एक कथित मुठभेड़ में मार गिराया। बहरहाल, नक्सलियों के एक अन्य मजबूत गढ़ तेलंगाना के हिस्सों में बंद का असर कम दिखा।
शीर्ष नेता की हत्या का बदला लेने के लिए नक्सलियों के हमला कर सकने संबंधी खुफिया रिपोर्टों को ध्यान में रखकर पुलिस ने उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया। उड़ीसा से लगे विजयनगरम, श्रीकाकुलम और विशाखापट्टनम जिलों और छत्तीसगढ़ से लगे खम्मम जिले में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए।
विजयनगरम के पुलिस अधीक्षक नवीन गुलाटी के अनुसार नक्सलियों की किसी गतिविधि को रोकने के लिए गश्त तेज कर दी गई है। पुलिस ने क्षेत्र के नेताओं को बिना पर्याप्त सुरक्षा के दूर-दराज के इलाकों में नहीं जाने की सलाह दी है। नक्सलियों द्वारा रेलगाड़ियों को निशाना बनाने की संभावना को देखते हुए रेल अधिकारियों ने उड़ीसा और महाराष्ट्र सीमा से लगे इलाकों में कुछ रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया।
गौरतलब है कि नक्सलियों ने अपने नेता आजाद के मारे जाने के विरोध में बुधवार और गुरुवार को बंद का आह्वान किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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