नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेना की तुरंत जरूरत नहीं : पिल्लई
उन्होंने कांकेर जिले में मीडियाकर्मियों से कहा, "केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलियों से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं। प्रभावित इलाकों में जरूरत के मुताबिक और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा।"
नक्सली गतिविधियों से बुरी तरह प्रभावित छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर विकास कार्यो एवं केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की जरूरत का आकलन करने पहुंचे पिल्लई ने कहा, "नक्सलियों पर पूरी तरह काबू पाने में तीन से सात वर्ष तक लग सकते हैं।"
पिल्लई ने नक्सलियों का गढ़ माने जाने वाले बस्तर क्षेत्र के राजनांदगांव और कांकेर में राज्य सरकार, पुलिस एवं अर्धसैनिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक की अध्यक्षता की एवं चल रहे विकास कार्यो एवं सुरक्षा उपायों का जायजा लिया।
उम्मीद है कि वह मंगलवार को बस्तर एवं दंतेवाड़ा जिलों में इसी तरह की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
अनुमान लगाया जा रहा है कि गृह सचिव ने यह दौरा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के सिलसिले में किया है, क्योंकि नारायणपुर जिले में 29 जून को सीआरपीएफ के 27 जवानों के शहीद होने के बाद गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने छत्तीसगढ़ सरकार को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अर्धसैनिक बलों की फिर से तैनाती का अश्वासन दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications