अलकायदा ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ा खतरा
लंदन, 5 जुलाई (आईएएनएस)। एक थिंक टैंक का कहना है कि अलकायदा ब्रिटेन के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उसके मुताबिक पाकिस्तानी मूल के कई सारे ब्रिटिश नागरिक पिछले दशक में देश में आतंकी घटनाओं के पीछे रहे हैं।
लंदन स्थित थिंक टैंक, सेंटर फॉर सोशल कोहेसन (सीएससी) द्वारा तैयार की गई 'इस्लामिस्ट टेररिज्म : द ब्रिटिश कनेक्शन्स' नामक रिपोर्ट के अनुसार 2,000 से अधिक लोग देश के लिए लगातार खतरा बने हुए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अलकायदा या अलकायदा द्वारा पैदा किया गया आतंकवाद ब्रिटेन की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।
सीएससी एक निष्पक्ष थिंक टैंक है, जो ब्रिटेन में सामुदायिक जुड़ाव से संबंधित मुद्दों पर अध्ययन करता है।
रिपोर्ट में ऐसे 124 लोगों के बारे में जानकारी दी गई है, जिन्हें 1999 और 2009 के बीच ब्रिटेन में आत्मघाती हमलों या आतंकी घटनाओं के लिए दोषी पाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 40 दोषियों का संबंध मुख्यरूप से अलकायदा और अल-मुहाजिरौन जैसे आतंकी संगठनों से था। एक तिहाई से कम लोगों ने एक या एक से अधिक आतंकी प्रशिक्षण शिविरों में हिस्सा लिया था। ये शिविर ज्यादातर पाकिस्तान में थे।
रिपोर्ट में दर्ज 124 व्यक्तियों में 60 प्रतिशत लोग ब्रिटिश नागरिकता रखते हैं। इनमें से आधे लोग दक्षिण मध्य एशियाई मूल के हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 28 प्रतिशत के पास कुछ पाकिस्तानी विरासत है, जिसमें से 80 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के साथ ब्रिटिश नागरिक हैं।
इनमें से संख्या के मामले में दूसरे और तीसरे स्थान पर पूर्वी अफ्रीकी (16 प्रतिशत) और उत्तरी अफ्रीकी (13 प्रतिशत) मूल के हैं।
दोषी ठहराए गए 124 लोगों में से लगभग आधे लोग लंदन में रहते थे, जबकि बाकी वेस्ट मिडलैण्ड्स, यार्कशायर और हंबर क्षेत्र में रहते थे।
यह रिपोर्ट, आतंकी गतिविधि और निम्न शैक्षणिक योग्यता और रोजगार स्तर के बीच कोई संबंध नहीं देखती।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोषी ठहराए गए 31 प्रतिशत लोग युनिवर्सिटी या किसी उच्च शिक्षा संस्थान से शिक्षित रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications