जन कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार जरूरी : राष्ट्रपति (लीड-1)
विजयनगर के राजा श्रीकृष्णदेवराय के राजतिलक के 500 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित समारोह के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि आधुनिक शासक या नीति निर्माता देश के महान शासकों में से एक की विरासत से बहुत कुछ सीख सकते हैं।
उन्होंने कहा, "हम अपने इतिहास के उन महान व्यक्तित्वों से प्रेरणा ले सकते हैं जिन्होंने लोगों के कल्याण के लिए समर्पण और प्रतिबद्धता दिखाई। श्रीकृष्णदेवराय देश के महान सम्राटों में से एक हैं और आधुनिक शासक या नीति निर्माता देश के महान शासक की विरासत से बहुत कुछ सीख सकते हैं।"
पाटील ने कहा कि उनकी उपलब्धियों की समझ हमें और ताकत तथा गति के साथ काम करने का उत्साह देती है।
उन्होंने कहा, "आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और इसे दुनिया की बड़ी ताकतों में एक माना जाता है। हमारा प्रयास है कि विकास समाज के सभी तबकों तक पहुंचे, विशेषकर उपेक्षितों और वंचितों तक।"
पाटील ने कहा, "हमारे पास समग्र विकास के लिए काफी अधिक सामाजिक कल्याण और अन्य योजनाएं हैं। हमारी राजनीतिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना चाहिए जिससे कल्याण कार्यक्रमों के लाभ उन तक पहुंचे।"
उन्होंने वंचित और उपेक्षित तबके के लोगों में कौशल विकसित करने को कहा जिससे वे मजबूत नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण की विभिन्न गतिविधियों में हिस्सेदारी करें।
राष्ट्रपति ने गांवों का विकास प्रगतिशील आर्थिक इकाइयों के रूप में करने को कहा। उन्होंने कहा, "हमारी 70 प्रतिशत आबादी अब भी गांवों में रहती है। हमें ग्रामीण विकास को ऐसे ढंग से करने की जरूरत है जिससे गांव प्रगतिशील आर्थिक इकाइयों के रूप में विकसित हों और कृषि की उत्पादकता बढ़े।"
वाणिज्य और उद्योग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए पाटील ने कहा, "एक वैश्विक दुनिया में व्यापार और आईसीटी का महत्व बढ़ रहा है। ज्ञान और नवीन अन्वेषण भविष्य में महत्वपूर्ण हैं। भारत ने आईसीटी क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है और कुशल पेशेवरों के साथ इसे कायम रखने के प्रयास करने चाहिए।"
उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण से शहरों में कचरे के उपयुक्त प्रबंधन सहित आवश्यक नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रबंधन तकनीकों को अपनाए जाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रपति ने श्रीकृष्णदेवराय की मूर्ति का अनावरण किया। इस मौके पर आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ई.एस.एल.नरसिम्हन, मुख्यमंत्री के.रोसैया और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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