भारत बंद : देश भर में दिखा लेफ्ट-राइट के बंद का असर (लीड-4)
कई राज्यों में इससे जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ तो कुछ राज्य ऐसे भी रहे जहां बंद का असर आंशिक था। कुछ राज्यों में इसका मिलाजुला असर देखा गया।
राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और करोलबाग मेट्रो स्टेशन पर हंगामा किया।
भाजपा शासित राज्यों- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और गुजरात- में बंद का खासा असर देखा गया। छत्तीसगढ़ में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में भी दुकानें, स्कूल और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे।
बंद का असर दक्षिण भारत में भी दिखा। कनार्टक की राजधानी बेंगलुरू और अन्य स्थानों पर सरकारी बसों पर पथराव किया गया। राज्य के परिवहन मंत्री आर. अशोक ने बताया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम ने पड़ोसी राज्यों तक जाने वाली बसों को आज रोक दिया।
आंध्र प्रदेश में भी जनजीवन प्रभावित रहा। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) ने भी बंद का समर्थन किया था। प्रदर्शन कर रहे तेदेपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और वामदलों के कई नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
राजग शासित राज्य बिहार में भी बंद का खासा असर रहा लेकिन इस दौरान भाजपा और जनता दल (युनाइटेड) के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प ने रंग में भंग डाल दिया। राज्य में तकरीबन 3000 लोगों को हिरासत में लिया गया।
महाराष्ट्र में बंद के दौरान भाजपा और शिव सेना कार्यकर्ताओं ने जबरन दुकानें बंद कराई। कई रेलगाड़ियां रोकी गईं। निजी विमानन कंपनियों की 46 उड़ानें रद्द की गईं क्योंकि यात्री हवाई अड्डों पर समय से नहीं पहुंच सके।
पंजाब और हरियाणा में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। झारखण्ड में लगभग 700 बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
वाम दलों के शासन वाले पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा में बंद का व्यापक असर रहा। कोलकाता में हवाई अड्डे से उड़ानों का संचालन सुबह से प्रभावित रहा। यहां कई जगहों पर वाम दलों के कायकर्ताओं ने रेल सेवाओं को भी बाधित किया।
उत्तर प्रदेश में भी बंद का असर देखा गया। राज्य में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने रेलगाड़ियां रोकीं। लखनऊ में करीब 25 भाजपा कार्यकर्ता लाठीचार्ज में घायल हुए। पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली और उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी सहित कई नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शिवपाल यादव को सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
वामपंथी दलों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में की गई वृद्धि वापस नहीं ली गई तो संसद के भीतर और बाहर उनका विरोध और तेज हो जाएगा।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "वामपंथी दल तथा अन्य धर्मनिरपेक्ष दल साथ बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे। मूल्य वृद्धि वापस नहीं हुई तो यह विषय संसद में गूंजेगा।"
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने कहा है कि बंद से देश के कुछ हिस्सों में व्यापार व कारोबार पर भारी असर पड़ा है। सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने एक बयान में कहा, "सीआईआई के अनुमान के मुताबिक बंद के कारण अर्थव्यवस्था को 3,000 करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान होगा। किसी भी तरह के बंद का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी कामगारों और छोटे व्यापार पर निर्भर लोगों पर पड़ता है। परिवहन क्षेत्र भी उद्योग का एक हिस्सा है, जिस पर बंद का बड़ा असर पड़ा है।"
राजग के संयोजक शरद यादव ने भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा, "संप्रग सरकार ने देश की जनता को बाजार और आसमान (मानसून) के भरोसे छोड़ दिया है। सरकार कहती है कि बाजार में सुधार आएगा तो ठीक हो जाएगा। दूसरी ओर प्रधानमंत्री कहते हैं कि बारिश होगी तो महंगाई में कमी आ जाएगी। मैं कहना चाहता हूं कि भारत यूरोप नहीं है। इसलिए हमारी मांग है कि सरकार अपनी खाद्य नीति में बदलाव करे।"
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बंद की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी दल नहीं चाहते हैं कि सरकार सब्सिडी के माध्यम से आम करदाताओं पर पड़ रहे अप्रत्यक्ष करों के बोझ को कम करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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