कैलाश यात्रा पर गए श्रद्धालु की मौत
काठमांडू, 5 जुलाई (आईएएनएस)। हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में पवित्र धार्मिक स्थल माने जाने वाले कैलाश पर्वत की यात्रा पर गए गुजरात के एक 60 वर्षीय श्रद्धालु की मौत हो गई है।
तिब्बत स्थित पर्वत से लौटने के 24 घंटे के भीतर राजकोट शहर के हिम्मत लाल चूड़ासमा की गत रविवार को काठमांडू के एक होटल में मौत हो गई।
काठमांडू स्थिति रॉयल सिंघी होटल के कर्मी ने आईएएनएस को बताया कि चूड़ासमा यात्रा पर अपनी पत्नी हंसा देवी, उनकी बहन और साले के साथ गए थे।
ये चारों 20 जून को तिब्बत रवाना हुए और तीन जुलाई को काठमांडू लौटे 200 भारतीय तीर्थयात्रियों के जत्थे का हिस्सा थे।
जत्थे को संयोजित करने वाले काठमांडू स्थित श्रेष्ठ ट्रैवेल्स एंड टूर के अमर श्रेष्ठ ने बताया, "रात में जब वह यहां पहुंचे तब बिल्कुल ठीक थे। रविवार की सुबह लगभग चार बजे उन्होंने कहा कि वह अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।"
शोकाकुल हंसा देवी और उनके रिश्तेदार चूड़ासमा के शव के साथ सोमवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुए।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष सैकड़ों भारतीय श्रद्धालु कैलाश पर्वत और उसके निकट पवित्र झील मानसरोवर की यात्रा करते हैं।
हालांकि, कई लोग ऊंची चढ़ाई, भारी ठंड, नौकरशाही और भाषागत कठिनाइयों के कारण चीन नियंत्रित तिब्बत स्थित इस धार्मिक स्थल की कठिन यात्रा करने से कतराते हैं।
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष एक अवैध ट्रैवल एजेंसी ने यात्रा के लायक नहीं रहने पर भी कई यात्रियों को जाने की छूट दे दी। नतीजतन, लगभग एक दर्जन यात्रियों की मौत हो गई थी।
नेपाल के पर्यटन बोर्ड ने नेपाल से होकर कैलाश की यात्रा करने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से कुछ दिन पहले काठमांडू में ठहरें और खुद को ऊंची चढ़ाई करने के लायक बनाएं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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