भारत बंद : मूल्य वृद्धि वापस नहीं हुई तो तेज होगा विरोध
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने दावा किया कि सोमवार को बंद के दौरान जनता स्वत:स्फूर्त सड़कों पर आई उसका समर्थन किया।
माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "वामपंथी दल तथा अन्य धर्मनिरपेक्ष दल साथ बैठकर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।"
उन्होंने कहा कि इस मामले को संसद में जोरशोर से उठाया जाएगा। "मूल्य वृद्धि वापस नहीं हुई तो यह विषय संसद में गूंजेगा।"
वामपंथी दलों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कांग्रेसनीत केंद्र सरकार के खिलाफ एक साथ सड़क पर उतरने के बारे पूछे जाने पर येचुरी ने कहा, "नहीं ऐसा नहीं है। पहले हमने बंद का आह्वान किया था और उसके बाद भाजपा ने बंद का ऐलान किया। हम धर्मनिरपेक्ष दलों के साथ हैं।"
उधर माकपा महासचिव प्रकाश करात ने एक टेलीविजन चैनल से बातचीत में कहा, "बंद की गति को आगे भी जारी रखनी पड़ेगी। आने वाले संसद सत्र में यह सबसे अहम मुद्दा होगा।"
करात ने उन खबरों का भी खंडन किया जिसमें कहा जा रहा था कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य बंद के खिलाफ थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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