बेटी की बांसुरी तान सुन कोमा से लौटे पिता
लंदन, 5 जुलाई (आईएएनएस)। मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद कोमा में पहुंचे एक ब्रिटेनवासी को जब उनकी बेटी की बेसुरी बांसुरी रिकॉर्ड कर सुनाई गई तो उनकी चेतना वापस आ गई। उन्हें यह धुन बिल्कुल पसंद नहीं थी।
अड़तालीस वर्षीय मार्क बेल दुर्घटना के बाद कोमा में चले गए थे। इस दुर्घटना में उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी, मस्तिष्क में रक्तस्राव हो गया था, फेंफड़े फट गए थे और पसलियां टूट गई थीं।
समाचार पर 'द सन' के मुताबिक बेल की पत्नी फ्लेर से चिकित्सकों ने कहा था कि वह अपने पति से बात करें ताकि उनकी चेतना लौट आए।
जब इसमें सफलता नहीं मिली तो फ्लेर ने अपनी 10 साल की बेटी रिबेका के बांसुरी वादन के अभ्यासों की एक रिकॉर्डिग का इस्तेमाल किया।
रिबेका अपनी बांसुरी वादन की परीक्षा के लिए अभ्यास करती थी तो बेल उसकी बेसुरी धुनें सुनकर बहुत चिढ़ जाते थे लेकिन जब फ्लेर ने उन्हें बार-बार यह रिकॉर्डिग सुनाई तो वह कोमा से लौट आए।
बेल कहते हैं, "जब रिबेका बार-बार बजाती थी तो मैं परेशान हो जाता था। उसने बांसुरी वादन शुरू ही किया था इसलिए वह अच्छा नहीं बजा पाती थी लेकिन अब वह बेहतर बजाती है। मुझे खुशी है कि मैं यहां हूं। अब मैं दोबारा कभी भी रेबेका के बांसुरी वादन की शिकायत नहीं करूंगा।"
फ्लेर ने कहा, "हमें लगा कि हम उन्हें खो देंगे लेकिन रिबेका की बांसुरी का उन्हें वापस लाने के लिए धन्यवाद। जब उन्होंने अपनी आंखें खोलीं तो वह एक चमत्कार था। यह बहुत भावनात्मक था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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