आरबीआई व वित्त मंत्रालय की नीतियां दीर्घकाल में एक होंगी

कोलकाता, 4 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक ने मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए अल्पकालिक (उधारी देने और उधारी लेने) दरों में की गई वृद्धि के निर्णय का रविवार को बचाव किया। इसके साथ ही उसने इस तर्क को खारिज कर दिया कि आरबीआई और वित्त मंत्रालय अलग-अलग नीतिगत लक्ष्यों के लिए काम कर रहे हैं।

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर के.सी.चक्रबर्ती ने एसोचैम की ओर से वित्तीय समेकन पर आयोजित एक संगोष्ठी के मौके पर संवाददाताओं को बताया, "मौद्रिक नीति प्राधिकरण और मंत्रालय के अलग-अलग विचार हो सकते हैं। लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक के लिए मुद्रास्फीति सबकुछ है और वित्त मंत्रालय के लिए वृद्धि सबकुछ है।"

चक्रबर्ती ने कहा कि लेकिन लंबी अवधि के दौरान दोनों उद्देश्य एक हो जाएंगे।

चक्रबर्ती ने कहा, "यदि हम मुद्रास्फीति रोधी उपाय भी करते हैं तो भी इसका मतलब यह नहीं कि हम वृद्धि के खिलाफ हैं। तात्कालिक क्षण के लिए तो वृद्धि प्रभावित हो सकती है, लेकिन दीर्घ काल के लिए आपके पास अपेक्षाकृत अधिक टिकाऊ ऊंची वृद्धि होगी।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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