राजीव पर अच्युतानंदन की टिप्पणी की कांग्रेस ने निंदा की
कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार को विधानसभा में उस समय हंगामा किया, जब अच्युतानंदन ने देश में 1975 में लगे आपातकाल के दौरान एक न्यायाधीश पर भाड़े के बदमाशों द्वारा किए गए हमले के सिलसिले मेंभूलवश संजय गांधी के बदले राजीव गांधी का नाम ले लिया।
विरोधी सदस्य विधानसभा अध्यक्ष के आसन के आगे एकत्र हो गए और उन्होंने पीठासीन अधिकारी से सत्र स्थगित करने की मांग की।
हालांकि, अच्युतानंदन ने अपने गृह जिले स्थित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यालय में शनिवार को विधानसभा में हुई घटना को याद करते हुए कहा, "मैं महसूस करता हूं कि राजीव गांधी संजय गांधी से बेहतर नहीं थे, क्योंकि सिख अंगरक्षकों द्वारा उनकी मां की हत्या किए जाने के बाद हुई सिखों की हत्या के लिए वह जिम्मेदार थे।"
उन्होंने 1984 में हुई भोपाल गैस त्रासदी के तत्काल बाद यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वारेन एंडरसन के सुरक्षित भाग जाने के लिए भी राजीव गांधी को दोषी ठहराया।
मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कांग्रेस नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि अच्युतानंदन आधारहीन दोषारोपण करना बंद करें।
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रमेश चेन्निथला ने संवाददाताओं को बताया कि जब इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी, उस समय राजीव गांधी कोलकाता में थे और हादसे के बाद तुरंत दिल्ली पहुंचे थे।
इस बीच, कांग्रेस छात्र संघ की प्रदेश इकाई केरल छात्र संघ ने मलाप्पुरम और कोझिकोड में विरोध प्रदर्शन किया और अच्युतानंदन का पुतला फूंका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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