प्रधानमंत्री होता तो 90 दिनों में आतंकवाद समाप्त कर देता : इमरान
समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने खबर दी है कि 11वीं सदी के संत अबुल हसन अली हजवेरी की दरगाह, दाता दरबार का दौरा करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में इमरान ने कहा कि पाकिस्तान, अमेरिका के लिए एक छद्म युद्ध लड़ने की कीमत चुका रहा है।
ज्ञात हो कि दरगाह पर गुरुवार को हुए आतंकी हमले में 42 लोग मारे गए थे और कम से कम 175 लोग घायल हो गए थे।
इमरान, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मात्र सत्ताधारी संभ्रांतो का एक छोटा-सा समूह ही अनुदान और ऋण से लाभ उठा रहा है।
इमरान ने कहा कि सुरक्षा पाकिस्तानी जनता को मुहैया कराई जानी चाहिए, न कि राजनीतिक परिवारों को।
इमरान खान ने कहा कि सैन्य अभियान समस्या का समाधान नहीं है और इससे देश से आतंकवाद की समस्या नहीं समाप्त हो सकती। इसलिए इसका एक मात्र समाधान बातचीत ही है, क्योंकि अमेरिकी सरकार ने भी अफगानिस्तान में तालिबान के साथ बातचीत करने का निर्णय लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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