दलाई लामा मंगलवार को 75 वर्ष के हो जाएंगे
धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश), 4 जुलाई (आईएएनएस)। विश्व के सर्वाधिक सम्मानित बौद्ध संत और 'गुरुजी' के नाम से प्रसिद्ध तेंजिंग ग्यास्तो, जो बौद्ध धर्म के 14वें दलाई लामा हैं, मंगलवार को 75 वर्ष के हो जाएंगे।
छह जुलाई, 1935 को तिब्बत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के आमदो प्रांत के तक्तसर के एक किसान परिवार में जन्मे दलाई लामा जब दो वर्ष के थे, तब उनका नाम ल्हामो धोंधुप रखा गया। 1937 में जब उन्हें 13वें दलाई लामा के रूप में प्रतिष्ठापित किया गया, उस समय उनका नाम थुब्तेन ग्यास्तो था।
वर्तमान दलाई लामा का जन्मदिन आने से वह 75 वर्ष तक जीवित रहने वाले दलाई लामाओं में शामिल हो गए हैं।
पहले दलाई लामा गेदुन द्रुपा (1391-1474) 75 वर्ष से अधिक समय तक जीवित रहे। उनकी मत्यु 84 वर्ष की उम्र में हुई।
दूसरे दलाई लामा गेदुन ग्यास्तो (1475-1542) और पांचवें न्गावांग लोब्सांग ग्यास्तो (1617-82) क्रमश: 67 और 65 वर्ष जिए।
नौवें दलाई लामा लुंगतोक ग्यास्तो ने सभी दलाई लामाओं में सबसे कम उम्र पाई। वह नौ वर्ष की उम्र तक की जीवित रह सके।
संयोगवश वर्तमान दलाई लामा ने भारत में निर्वासित के रूप में रहते हए अपने जीवन के पांच दशक पूरे कर लिए हैं।
कठिन संघर्ष करते हुए वह दुनिया के सबसे बड़े धर्मगुरु बन गए। 1989 में नोबल शांति पुरस्कार प्राप्त करने वाले दलाई लामा अपनी सरलता, धार्मिक विद्वता और बच्चों जैसे स्वभाव के कारण वह आम आदमी से विश्व के बड़े नेताओं तक के दिल में राज करने लगे।
निर्वासित तिब्बती सांसद करमा येशी ने आईएएनएस से कहा, "धर्मगुरु का 75 जन्मदिन मानाया जाना एक बड़ी घटना है। विभिन्न संगठन वर्षभर से इस खुशी में समारोह आयोजित कर रहे हैं। हालांकि वह स्वयं इसे ज्यादा तरजीह नहीं दे रहे हैं।"
तिब्बती सरकार के प्रवासी मामलों के एक प्रवक्ता ने बताया, "धर्मशाला एवं भारत के तिब्बती बहुल इलाकों तथा अन्य देशों में दलाई लामा की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना सभाएं की जा रही हैं। उनके सम्मान में इस वर्ष चित्र प्रदर्शनी एवं अन्य आयोजन किए जाएंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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