ईंधन कीमतों में वृद्धि वापस नहीं होंगी : प्रणब (लीड-1)
एसोचैम द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में पत्रकारों से बात करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा, "मुझे बंद का आयोजन करने वालों के बारे में जानने में रुचि नहीं है मैं केवल यह कह सकता हूं कि राजनीतिक दलों को यह तय करना चाहिए कि उन्हें किस तरीके से विरोध का प्रदर्शन करना चाहिए। मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, हमारी प्रदेश कांग्रस कमेटी के अध्यक्ष ने पहले ही इस पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर दी है।"
मुखर्जी ने एक सवाल के जवाब में कहा, "कीमत वृद्धि के फैसले को वापस लेने का कोई प्रश्न ही नहीं है।"
वित्तमंत्री का यह बयान वामपंथी दलों और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) द्वारा ईंधन कीमतों में वृद्धि के फैसले के खिलाफ सोमवार को भारत बंद की घोषणा किए जाने के बाद आया है।
मुखर्जी की अध्यक्षता में 25 जून को मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह की बैठक में पेट्रोल की कीमतों से सरकारी नियंत्रण हटाने का फैसला किया गया था। इसके अलावा डीजल के दाम दो रुपये प्रति लीटर, केरोसीन के दाम तीन रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस के दाम 35 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। पेट्रोल से सब्सिडी हटने से इसके दाम में 3.50 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो गई थी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि के फैसले को वित्त मंत्री ने उचित और स्वागत योग्य कदम बताते हुए कहा, "जहां तक ब्याज दरों का सवाल है, रेपो और रिवर्स रेपो रेट में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी उचित और स्वागत योग्य कदम है।"
मुखर्जी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि 27 जुलाई को आरबीआई के नए नीतिगत दस्तावेज में इस बढ़त को सम्मिलित किया जाएगा।"
शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई पर नियंत्रण करने के लिए प्रमुख ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर दी। इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट बढ़कर 5.5 प्रतिशत और रिवर्स रेपो रेट बढ़कर 4 प्रतिशत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सविस।












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