डीएसआईआईडीसी को सर्वाधिक मुनाफा
नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्च र विकास निगम (डीएसआईआईडीसी) को वर्ष 2009-10 में अब तक का सबसे अधिक 45 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। यह जानकारी डीएसआईआईडीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक चेतन संघी ने दी है।
डीएसआईआईडीसी और उद्योग विभाग ने पिछले एक वर्ष में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और अगले दो या तीन वर्ष तक इसकी तेज वृद्धि का रास्ता तैयार हो चुका है।
डीएसआईआईडीसी की सबसे बड़ी उपलब्धि 27 वर्षो के बाद दिल्ली के लिए एक नई औद्योगिक नीति लाना है। इसके अलावा सरकार से दो नए विशेष आर्थिक क्षेत्रों (सेज) की मंजूरी लेना और उद्यमियों के लिए व्यापार सुविधा परिषद की स्थापना इसकी अन्य उपलब्धियां हैं।
संघी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों के रखरखाव के लिए निजी-सार्वजनिक भागीदारी की दिल्ली मंत्रिमंडल से अनुमति मिलना भी एक अन्य उपलब्धि है। डीएसआईआईडीसी ने जवाहरलाल नेहरु शहरी नवीकरण योजना के तहत 8,000 नए मकान भी बनाए हैं।
डीएसआईआईडीसी बापरोला में 600 करोड़ रुपये के निवेश से दो नए सेज खोलने की तैयारी में है। इसे निजी-सार्वजनिक भागीदारी में तैयार किया जाएगा। इसके अलावा अगले दो या तीन वर्षो में उद्योगों को भोरागढ़ में 4,000 भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे।
डीएसआईआईडीसी जवाहरलाल नेहरु शहरी नवीकरण योजना के तहत 8,000 नए मकानों के वितरण की तैयारी में है। इसके अलावा 6,000 अन्य मकानों का निर्माण किया जा रहा है और अगले छह महीनों में उनके तैयार होने की उम्मीद है।
नए औद्योगिक प्रबंधन कानून के अनुसार डीएसआईआईडीसी ने दिल्ली नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण से 29 औद्योगिक क्षेत्रों को ग्रहण किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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