जम्मू में बंद का असर नहीं
जम्मू में सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान खुले रहे और यातायात सामान्य रहा। अन्य कस्बों में भी श्री अमरनाथ यात्रा संघर्ष समिति के बंद के आह्वान का कोई प्रभाव नहीं हुआ।
सीमिति में सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
जम्मू शहर के कुछ इलाकों में युवकों ने बलपूर्वक दुकानें बंद कराने का प्रयास किया।
इस बंद का कई दुकानदारों, परिवहन व्यापारियों और छात्रों ने विरोध किया। उनका कहना है कि वे जम्मू और कश्मीर के बीच नया विभाजन पैदा करने के पक्ष में नहीं हैं।
बंद का समर्थन करने के लिए भारतीय जनता पार्टी को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
जम्मू एवं कश्मीर यात्री परिवहन एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अनिल चोपड़ा ने आईएएनएस से कहा कि जम्मू के लोगों ने दिखा दिया कि वे शांति चाहते हैं।
जम्मू के एक दुकानदार गिरधारी लाल ने कहा, "मेरे विचार से समिति को संदेश मिल गया होगा कि धार्मिक भावनाओं से खेलने की उसकी चाल में कोई आने वाला नहीं है।"
उन्होंने कहा कि पुराने जम्मू शहर में सभी दुकानें खुली हैं जो भाजपा का गढ़ माना जाता है। लोग समझदार हैं वे विभाजनकारी ताकतों के जाल में नहीं फंसेंगे।
टिप्पणी के लिए समिति के नेता उपलब्ध नहीं हो सके।
कश्मीर घाटी में वार्षिक अमरनाथ यात्रा एक जुलाई को शुरू हुई। घाटी के अलगाववादी नेताओं ने उसमें कोई बाधा नहीं डालने का वादा किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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