बिहार में बाढ़ को लेकर सरकार चौकस
नेपाल में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही तेज बारिश के कारण राज्य की नदियों में भी जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके कारण तटबंधों की सुरक्षा के लिए मुस्तैदी बढ़ा दी गई है।
जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को शनिवार को बताया कि तटबंधों की सुरक्षा के लिए अभियंताओं के साथ होमगार्ड के जवानों को लगाया गया है। राज्य में 3,610 किलोमीटर तटबंधों की निगरानी के लिए 3,610 होमगार्ड के जवानों को लगाया गया है। होमगार्ड के जवान पांच-पांच की टोली में तटबंधों की निगरानी में लगे हुए हैं। हर दल में एक सहायक अभियंता को भी रखा गया है।
इसके अतिरिक्त मुख्यालय तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्यरत अभियंताओं को चौकस रहने को कहा गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष में तीन कार्यपालक अभियंताओं और तीन सहायक अभियंताओं का एक रिजर्व फोर्स तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि पटना सहित वीरपुर, पूर्णिया, मुजफ्फपुर, मोतिहारी, सुपौल समेत कई जिला मुख्यालयों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष काम कर रहा है।
इधर, आपदा प्रबंधन विभाग ने भी बाढ़ से निपटने के लिए अपनी तैयारी की है। विभाग ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों को कई तरह के प्रशिक्षण दिए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक बाढ़ प्रभावित राज्य के 28 जिलों में 30-30 गोताखोरों और शेष जिलों में 10-10 गोताखोरों का दल गठित किया जा रहा है। इसमें पुलिस, होमगार्ड तथा मल्लाह जाति के लोगों को शामिल किया जा रहा है।
इसके अलावा सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित 15 जिलों के प्रत्येक प्रखंड में 10-10 मास्टर्स ट्रेनर तैयार किए गए हैं जिन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के जवानों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ब्यास जी ने बताया कि सरकार का जोर इस बात पर है कि ये सभी प्रशिक्षण बाढ़ आने के पूर्व पूरे कर लिए जाए, ताकि बाढ़ के समय प्रशिक्षित लोगों की मदद ली जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार एनडीआरएफ की तर्ज पर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) भी गठित करने पर विचार कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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