टीआरएस सांसद विजयाशांति गिरफ्तार, जमानत पर रिहा (लीड-2)
एक स्थानीय अदालत ने अभिनेत्री से नेता बनीं विजयाशांति को जमानत दे दी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष से बात करेंगी।
चंचलगुड़ा जेल से शनिवार शाम रिहा होने के बाद विजयाशांति ने संवाददाताओं को बताया कि एक महिला सांसद के साथ पुलिस ने जिस तरह का व्यवहार किया वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा, "मेरा अपराध मात्र यह है कि मैंने एक नारा दिया था।"
विजयाशांति ने शुरू में जमानत याचिका दायर करने से इंकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि पार्टी के एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए वह जमानत की अर्जी दाखिल करने के पार्टी के निर्णय से सहमत हुईं।
अदालत द्वारा उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के कुछ घंटे बाद उन्हें जमानत मिली। पुलिस ने उन्हें उनके बंजारा हिल्स स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उसके बाद उन्हें नामपल्ली आपराधिक अदालत में तृतीय मुख्य महानगरीय दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया।
मजिस्ट्रेट ने उन्हें 15 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें चंचलगुड़ा केंद्रीय जेल ले जाया गया, जहां उन्हें महिला सेल में रखा गया है।
इससे पहले विजयाशांति की गिरफ्तारी रोकने के लिए टीआरएस के सैकड़ों कार्यकर्ता उनके बंजारा हिल्स स्थित अवास पर इकट्ठा हो गए थे। पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा था।
पुलिस ने विजयाशांति के खिलाफ शुक्रवार को आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। शनिवार को विजयाशांति पत्रकारों को संबोधित कर रही थीं तभी पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची।
टीआरएस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और प्रशासन पर पूर्वाग्रह से ग्रस्त होने का आरोप लगाया।
मेडक से सांसद विजयाशांति ने कुछ दिन पहले एक जनसभा में कथित तौर पर तेलंगाना के लोगों से अगल राज्य का विरोध करने वाले हर किसी का 'वध' कर देने का आह्वान किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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