आखिर हो ही गया भाजपा-जद(यू) में सीटों का बंटवारा

आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में 243 सीटें हैं। दोनों दल पिछले चुनाव के लिए अक्टूबर 2005 में हुए समझौते के अनुरूप सीटों के बंटवारे पर राजी हुए हैं। तब जद (यू) ने 139 और भाजपा ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था। बाकी दो सीटों पर स्वतंत्र उम्मीदवार उतारे गए थे। अब इन दोनों सीटों पर चुनाव की तिथियां घोषित होने के बाद निर्णय होगा।
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इससे पहले, कुछ पोस्टरों और विज्ञापनों को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी तथा नीतीश कुमार के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों दलों के रिश्तों में खटास आ गई थी। इन मामलों से खफा नीतीश कुमार ने गुजरात से बतौर सहायता मिले 5 करोड़ रुपए लौटा दिए गए थे। इससे ये अटकलें बढ़ गई थीं कि यह दल भाजपा से अपने संबंध तोड़ेगा।
नीतीश और मोदी विवाद ने इस बात को हवा दी कि शायद नीतीश अब कमल का साथ न दें लेकिन कमल को भी पता है कि बिहार की सरजमीं पर खिलने के लिए उसे जद(यू) के खुरपे की जरूरत है और नीतीश भी जानते हैं कि लालू को सत्ता से दूर करने के लिए बीजेपी का साथ परम आवश्यक है इसलिए दोनों दलों ने अपने जज्वात काबू किये और समझौते के तरह सीटों पर बंटवारा कर लिया।












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