श्रीलंका को भारतीय मदद
चेन्नई, 18 जून (आईएएनएस)। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की प्रमुख जे. जयललिता ने शुक्रवार को कहा कि श्रीलंका को भारत की ओर से दी जा रही अपार वित्तीय सहायता से चीन को लाभ पहुंचा, जिसने सभी पुनर्निर्माण ठेके हासिल कर लिए हैं।
भारत ने युद्ध से तबाह श्रीलंकाई तमिल इलाकों में पुनर्निर्माण के लिए 1000 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की थी लेकिन अब श्रीलंका सरकार पुनर्निर्माण के ठेके चीन को दे रही है।
जयललिता ने बयान जारी करके कहा, "तमिलों के लाभ के लिए भेजा गया भारतीय करदाताओं का धन चीन की जेब में जा रहा है।"
उन्होंने मीडिया में आई उन खबरों को खतरनाक बताया जिनमें कहा गया है कि राजमार्ग, रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यो के लिए चीन की ओर से 25,000 से ज्यादा श्रमिक श्रीलंका पहुंच चुके हैं। इनमें चीन के जासूस और खुफिया अधिकारी भी शामिल हैं जिन्हें भारत-विरोधी निगरानी और जासूसी करने का आदेश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की भारत यात्रा के दौरान सरकार को सही ढंग से दृष्टिकोण रखना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि श्रीलंका में बड़ी संख्या में तमिल मारे गए, प्रतिबंधित लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे)के कार्यकर्ता का ठप्पा लगाकर कई हजार नौजवानों को अभी तक वहां यातना शिविरों में कैद रखा गया है।
उन्होंने सरकार से कहा कि इससे पहले कि बहुत देर हो जाए, उसे कदम उठाना होगा। जयललिता ने कहा, "उसे श्रीलंका से बात करनी होगी और कड़ाई से बात करनी होगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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