वायु सेना में 22 महिलाओं को मिली पूर्णकालिक सेवा (लीड-1)
वायु सेना के प्रवक्ता तरुण कुमार सिंघा ने कहा, "दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार हमने पूर्णकालिक सेवा के नियमों के अनुरूप 22 महिलाओं को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।"
शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत वायु सेना की 22 और थल सेना की 28 महिला अधिकारियों की याचिका पर अदालत ने कहा था कि इन्हें पूर्णकालिक सेवा का मौका नहीं देना भेदभावपूर्ण है।
इन 22 अधिकारियों में दो अभी सेवारत हैं जबकि बाकी सेवा की अवधि पूरा करने के बाद अवकाश प्राप्त कर चुकी हैं।
बहाली के बाद वे अपने पुरुष समकक्ष जितना ही सेवा का लाभ उठा सकती हैं।
सिंघा ने हालांकि स्पष्ट किया कि 22 महिला अधिकारियों को सेवा विस्तार दिया जाना एक अपवाद है।
यद्यपि, शॉर्ट सर्विस कमीशन से आए पुरुष अधिकारी 14 वर्ष की सेवा के बाद पूर्णकालिक सेवा का विकल्प चुन सकते हैं लेकिन महिला अधिकारियों के सामने ऐसा विकल्प नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक नियमों में बदलाव नहीं होता, तब तक यह स्थिति बनी रहेगी।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 12 मार्च को दिए अपने महत्वपूर्ण फैसले में सरकार से थल व वायु सेना में महिला एवं पुरुष अधिकारियों के साथ समान व्यवहार करने को कहा था। अदालत ने कहा था, "लिंग भेद के मसले पर बेहद संवेदनशील होने की जरूरत है।"
न्यायाधीश संजय किशन कौल और एम. सी. गर्ग की खंडपीठ ने अवकाश प्राप्त कर चुकीं महिलाओं को सेवा विस्तार देने को भी कहा था।
अदालत ने कहा कि उसका फैसला केवल उन्हीं महिला अधिकारियों पर लागू होगा जिनकी भर्ती वर्ष 2006 से पहले हुई थी। वर्ष 2006 में शॉर्ट सर्विस कमीशन की अवधि 10 वर्ष से बढ़ाकर 14 वर्ष कर दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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