किर्गिस्तान में हिंसा से शरणार्थी संकट बढ़ा
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार आधिकारिक आंकड़ों में दो समुदायों के बीच सप्ताह भर से जारी हिंसा में अब तक 179 लोग मारे जा चुके हैं, लेकिन इससे कहीं ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका हैं। हिंसा की वजह से 275,000 नागरिक पलायन कर चुके हैं।
ओश और जलालाबाद शहरों में बुधवार तड़के हालात बहुत तनावपूर्ण बने हुए थे। किर्गी संवाद एजेंसी एकेआईप्रेस के अनुसार ओश और जलालाबाद के बहुत से रिहायशी इलाके राहतकर्मियों और पुलिस अधिकारियों भरे पड़े हैं।
मास्को में किर्गिस्तान सुरक्षा परिषद के प्रमुख एलिक ओरोसोव हिंसा पर काबू पाने के लिए संभावित सैन्य तैनाती के मसले पर रूस के साथ वार्ता करने वाले हैं।
मास्को में अमेरिकी दूतावास के अनुसार अमेरिकी राजनयिक रॉबर्ट ब्लेक इस संकट पर चर्चा के लिए बिश्केक पहुंचने वाले हैं।
अमेरिका और रूस दोनों के किर्गिस्तान सैन्य ठिकाने हैं। ओरोसोव संकट पर चर्चा के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात करेंगे।
इस बीच किर्गिस्तान और उज्बेकिस्तान सीमा पर कम से कम 60,000 शरणार्थी जमा हो गए हैं।
नरसंहार निरोधक मामलों के संयुक्त राष्ट्र के परामर्शदाता एडवर्ड लक ने कहा कि उज्बेकों को निशाना बनाया जाना जाति विशेष का सफाया किए जाने के समान है।
किर्गिस्तान में गत अप्रैल में राष्ट्रपति कुर्मानबेक बाकियेव को बर्खास्त किए जाने पर जातीय तनाव उत्पन्न हो गया था। किर्गी और उज्बेक समुदाय एक-दूसरे के विरूद्ध उठ खड़े हुए थे।
लक के अनुसार इस हिंसा की वजह से बड़ी संख्या में उज्बेक विस्थापित हो रहे हैं जो जातीय सफाया किए जाने के समान है।
इस हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने भी चिंता जाहिर की है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने वहां कानून एवं व्यवस्था कायम करने का अनुरोध किया था।
इस बीच बाकियेव के पुत्र ने ब्रिटेन से राजनीतिक शरण मांगी है।
उधर, मानवाधिकार संगठन एमेस्टी इंटरनेशनल ने भी किर्गिस्तान के सभी पड़ोसी देशों-उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान, कजाकिस्तान और चीन से शरणार्थियों के लिए सीमाएं खोल देने का अनुरोध किया है।
इस बीच मून ने मंगलवार को किर्गिस्तन की अंतरिम प्रधानमंत्री रोजा ओतुनबायेवा और रूसी के विदेश मंत्री लावरोव से फोन पर बातचीत की। मून इस समय सिएरा लियोन में हैं।
राहत और बचाव कार्यरे के समन्वयन के लिए मून ने विशेष प्रतिनिधि के रूप में मीरोसोव जेंका को भेजा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications