ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम नीलामी से केंद्र ने 8.6 अरब डॉलर कमाए
नई दिल्ली। ब्रॉडबैंड वायरलेस एक्सेस (बीडब्ल्यूए) सेवाओं के लिए शुक्रवार को समाप्त हुई 16 दिन में 117 दौर तक चली स्पेक्ट्रम नीलामी से केंद्र सरकार को 38,543.31 करोड़ रुपये (8.6 अरब डॉलर) का राजस्व प्राप्त हुआ है। बॉडबैंड और 3-जी मोबाइल सेवाओं के स्पेक्ट्रम से सरकार को संयुक्त रूप से 1,06,262 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। सरकार ने दोनों नीलामियों से 35,000 करोड़ रुपये के राजस्व का अनुमान लगाया था।
इस साल सरकार ने बजट में कुल 3,81,408 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान लगाया था, लेकिन अब सरकार को ब्रॉडबैंड और 3-जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से 71,262 करोड़ रुपये अतिरिक्त राजस्व के रूप में मिलने से सरकार के राजकोषीय घाटे में 18.68 प्रतिशत की कमी आ सकती है।
देखें: फीफा विश्व कप स्पेशल पेज
ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम प्राप्त करने की इस प्रतिस्पर्धा में बोली की कीमतें ऊंची होने के कारण जहां रिलायंस कम्युनिकेशन्स जैसी बड़ी दूरसंचार कंपनियां ने खुद को अलग कर लिया वहीं इंफोटेल ब्रॉडबैंड सर्विसेज ने देश के सभी 22 सर्किलों में ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए लाइसेंस हासिल कर लिया। पूरे देश में सेवा के लिए लाइसेंस की बोली 12,847.77 करोड़ रुपये (2.85 अरब डॉलर) लगाई गई, जो कि सरकार द्वारा तय की गई न्यूनतम कीमत 1,750 करोड़ रुपये से 634 प्रतिशत ज्यादा है।
सरकारी क्षेत्र की कंपनियों महानगर दूरसंचार निगम लिमिटेड और भारत संचार निगम लिमिटेड को भी अपने समझौते के मुताबिक उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम के लिए 12,847.77 करोड़ रुपये सरकार को चुकाने होंगे।
इंफोटेल ब्रॉडबैंड सर्विसेज ने सभी 22 सर्किलों में ब्रॉडबैंड सेवाओं की बोली जीती है, एयरसेल ने सात, टिकोना ने पांच, क्वालकॉम और भारती ने चार-चार और ऑगर ने एक क्षेत्र में बोली जीती है। इंफोटेल ब्रॉडबैंड द्वारा पूरे देश में ब्रॉडबैंड सेवा की बोली जीतने के बाद शुक्रवार को मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस कंपनी की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर इंफोटेल में 4,800 करोड़ रुपये (एक अरब डॉलर) का निवेश करके ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है।
दूसरी ओर रिलायंस कम्युनिकेशन्स और आइडिया ने नीलामी प्रक्रिया के बीच में ही खुद को इससे अलग कर लिया था। इन कंपनियों का कहना है कि वे 3-जी सेवाओं पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।
रिलायंस कम्युनिकेशन्स के प्रवक्ता ने कहा, "(बीडब्ल्यूए) नीलामी की बोलियां हमारे व्यापारिक अनुमान से बहुत ऊंची चली गई थीं। हम अपने 3-जी स्पेक्ट्रम के अधिकतम 13 सर्किलों में और सीडीएमए 3जी रेडी प्लान के जरिए ब्रॉडबैंड सेवाएं उपलब्ध कराएंगे।"
3-जी सेवाओं के स्पेक्ट्रम के लिए रिलायंस ने 13 सर्किलों के लिए 8,585.04 करोड़ रुपये चुकाए हैं जबकि आइडिया ने 3-जी सेवाओं के 11 सर्किलों के लिए 5,768.59 करोड़ रुपये चुकाए हैं। भारती एयरटेल ने ब्रॉडबैंड के लिए महाराष्ट्र, कर्नाटक, कोलकाता और पंजाब के चार क्षेत्रों के लिए 3,314.36 करोड़ रुपये की बोली जीती है। भारती पहले ही 3-जी सेवाओं के लिए 12,295.46 करोड़ रुपये चुका चुकी है।
भारती एयरटेल ने अपने एक बयान में कहा, "नीलामी प्रक्रिया के प्रारूप और स्पेक्ट्रम की कमी की वजह से एक बार फिर बोली काफी ऊंची कीमत में लगी है, कंपनी ने चयनित क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड की बोली खरीदी है।"
क्लिक करें- देश- दुनिया की ताज़ा खबरें
दूरसंचार विभाग की वेबसाइट के मुताबिक मंबई और दिल्ली के सर्किलों के लिए सबसे ज्यादा बोली लगी है। मुंबई के लिए बोली 2,292.95 करोड़ रुपये और दिल्ली की बोली 2,241.02 करोड़ रुपये लगाई गई है। इस स्पेक्ट्रम को पाने के बाद कंपनियां तेज गति वाली इंटरनेट, इंटरनेट टेलिफोनी और इंटरनेट टेलिविजन की सेवाएं शुरू कर सकती हैं। इसका उपयोग दूरसंचार एवं डाटा ट्रांसफर सुविधाओं के लिए भी किया जा सकेगा।
इस नीलामी में भारती एयरटेल, रिलायंस वाइमैक्स, आइडिया सेल्युलर, एयरसेल, ऑगर मारीशस लिमिटेड, इंफोटेल ब्राडबैंड सर्विसेज, क्वालकॉम, स्पाइस इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, टाटा कम्युनिकेशन्स इंटरनेट सर्विसेज, टिकोना डिजिटल नेटवर्क्स और वोडाफोन एस्सार ने हिस्सा लिया। दूरसंचार विभाग के मुताबिक बोली जीतने वाली कंपनियां तत्काल ही इन स्पेक्ट्रमों का व्यावसायिक उपयोग शुरू कर सकती हैं।
प्रमुख सर्किलों में बोली जीतने वाली कंपनियां निम्नानुसार हैं-
दिल्ली: इंफोटेल और क्वालकॉम
मुंबई: इंफोटेल और क्वालकॉम
महाराष्ट्र: इंफोटेल और भारती
गुजरात: इंफोटेल और टिकोना
कोलकाता: इंफोटेल और भारती
तमिलनाडु: इंफोटेल और एयरसेल
कर्नाटक: इंफोटेल और भारती
आंध्रप्रदेश: इंफोटेल और एयरसेल
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications