रिलायंस इंडस्ट्रीज इंफोटेल ब्रॉडबैंड को खरीदेगी, ब्रॉडबैंड सेवाएं देगी
अनिल और मुकेश अंबानी के बीच एक दूसरे के व्यापार के क्षेत्रों में प्रवेश करने पर लगी रोक हटने संबंधी समझौते के 15 दिनों के भीतर यह दिलचस्प घटनाक्रम हुआ है। इससे पहले के समझौते के तहत दोनों अंबानी भाईयों की कंपनियां एक दूसरे के व्यापार वाले क्षेत्रों में काम नहीं कर सकती थीं।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने बयान में कहा, "रिलायंस इंडस्ट्रीज नए पूंजी निवेश के तहत देश भर में ब्रॉडबैंड स्पैक्ट्रम की बोली जीतने वाली कंपनी इंफोटेल ब्रॉडबैंड में 4,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।"
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को दी गई जानकारी में कंपनी ने कहा, "इस निवेश के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोटेल ब्रॉडबैंड में 95 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी और यह कंपनी आरआईएल की सहयोगी कंपनी बन जाएगी।"
इंफोटेल ब्रॉडबैंड ने सभी 22 सर्किलों में ब्रॉडबैंड सेवा का लाइसेंस प्राप्त किया है। ऑप्टिकल केबल और फाइबर बनाने वाली कंपनी हिमाचल फ्यूचरिस्टिक के मालिक महेंद्र नाहटा के बेटे अनंत नाहटा इंफोटेल ब्रॉडबैंड के मालिक हैं।
हिमाचल फ्यूचरिस्टिक के पास कई सर्किलों में मोबाइल सेवाएं प्रदान करने के लाइसेंस भी है, 1990 में इस कंपनी ने मोबाइल सेवाओं की शुरुआत की थी। कंपनी ने गुरुवार को कहा कि उसकी इंफोटेल में कोई हिस्सेदारी नहीं है।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर इस कंपनी के शेयर में शुक्रवार को ऊपरी सर्किट लग गया और यह 4.98 प्रतिशत बढ़कर 11.39 रुपये पर बंद हुआ। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.03 प्रतिशत बढ़कर 1,046.25 रुपये पर बंद हुआ।
रिलायंस ने कहा कि वह ब्रॉडबैंड को ज्ञान अर्थव्यवस्था का नया पक्ष मान रही है और इस क्षेत्र में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है। कंपनी देश को विश्व स्तरीय संचार तंत्र और सेवाएं उपलब्ध कराएगी।
मुकेश अंबानी ने कहा, "हम भारतीय अर्थव्यवस्था को डिजिटल वर्ल्ड में ले जाना चाहते हैं, इससे युवा भारत को नए साधनों के जरिए अपनी उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।"
कंपनी ने कहा कि वह इन सेवाओं की शुरुआत के लिए आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए वैश्विक कंपनियों से समझौता करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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