ब्रिटेन में महंगी होगी विश्वविद्यालय की पढ़ाई
लंदन, 10 जून (आईएएनएस)। ब्रिटेन में पढ़ने वाले ब्रिटिश और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के लिए अब मोटी फीस चुकानी पड़ सकती है।
इसकी वजह ब्रिटेन की नई गठबंधन सरकार की विश्वविद्यालयों पर खर्च में कमी किए जाने की तैयारी है जिसे देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन फीस बढ़ा सकते हैं।
इसकी मार सबसे पहले घरेलू और यूरोपीय संघ के छात्रों पर पड़ सकती है जिनकी वर्तमान फीस की सीमा इस समय प्रतिवर्ष 3225 पाउंड है। उन्हें कम ब्याज दरों पर तथा करदाताओं की सहायता से कर्ज मिलता है। छात्र जब सालाना 15000 पाउंड कमाने लायक होते हैं, तभी वे उस कर्ज की अदायगी शुरू करते हैं। यह अदायगी भी बहुत कम दरों पर होती है।
विश्वविद्यालय प्रबंधन फीस की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। ब्रिटेन के शीर्ष 20 विश्वविद्यालयों वाले रसेल ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज ने सिफारिश की है कि यह वृद्धि 7000-8000 पाउंड के बीच यर्थाथपरक होनी चाहिए। वह ब्याज की दरें बढ़ाने का भी अनुरोध कर रहा है ताकि कर्ज लौटाने वाले छात्रों के सिर से बोझ घटाया जा सके।
लेबर पार्टी की सरकार ने इस साल घोषणा की थी कि आने वाले तीन बरसों में विश्वविद्यालयों, बजट, अनुसंधान कोष और छात्रों की सहायता राशि में कमी करेगी।
वर्तमान सरकार का कहना है कि वह अगले साल से विश्वविद्यालयों को मिलने वाले अनुदान में 82 प्रतिशत की कटौती करेगी और छात्रों के स्थान 10,000 से घटाकर आधा कर देगी।
डेविड कैमरन सरकार छात्रों से जुड़े वित्तीय मसलों पर लॉर्ड ब्राउन की अध्यक्षता वाले स्वतंत्र पैनल की रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रही है। यह रिपोर्ट इसी शरद् ऋतु में आ सकती है, लेकिन दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
बहुत से विश्वविद्यालय अतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए अधिक फीस के साथ सीटें बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications