डेढ़ रुपये के लिए परिचालक ने गंवाई नौकरी
उल्लेखनीय है कि 24 मार्च 1989 में जांच के दौरान दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के परिचालक दलबीर सिंह को बर्खास्त कर दिया गया था। उस दौरान सिंह ने तीन यात्रियों से एक रुपये की बजाय हर एक से डेढ़ रुपये वसूले थे और तीनों ने पूरा किराया 4.50 रुपये अदा किए थे।
न्यायाधीश राजीव शाही ने पिछले हफ्ते सिंह की याचिका को खारिज कर दिया और कहा,"सवाल पैसे की मात्रा का नहीं है, सवाल याचिकाकर्ता की सत्यनिष्ठा का है।"
सिंह को अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं करने पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। सिंह पर आरोप था कि वह अपनी ड्यूटी उचित तरीके से नहीं कर रहे थे।
दिल्ली परिवहन निगम ने जांच में यह भी पाया था कि सिंह के पास 18.25 रुपये थे जिसके बदले उसने टिकट जारी नहीं किए।
सिंह ने अपनी बर्खास्तगी को अदालत में चुनौती दी लेकिन न्यायालय ने कहा,"निश्चित रूप से याचिककर्ता ने गैरकानूनी काम किए थे। टिकट से प्राप्त रुपये परिचालक के पास रहते हैं, लेकिन याचिकाकर्ता ने उसका बेजा इस्तेमाल किए।"
वर्ष 2001 में औद्योगिक न्यायाधिकरण ने उसकी बर्खास्तगी को उचित ठहराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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