पुणे टीम की नीलामी में पवार शामिल नहीं : राकांपा
पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि पुणे में स्थित सिटी कार्पोरेशन कंपनी ने मार्च में हुई इस नीलामी से खुद को दूर कर लिया था, लिहाजा इस संबंध में पवार और उनके परिजन किसी भी दृष्टिकोण से नीलामी में शामिल नहीं रहे हैं।
राकांपा के प्रवक्ता डी.पी. त्रिपाठी ने रविार को पत्रकारों से कहा कि कंपनी ने जनवरी में अपने प्रबंध निदेशक अनिरुद्ध देशपांडे को इस नीलामी में शामिल होने का अधिकार दे दिया था लेकिन मार्च में कंपनी ने अपने उस फैसले को रद्द कर दिया था।
पवार और उनके परिजनों का सिटी कार्पोरेशन में 16.2 फीसदी हिस्सेदारी है और इसी संबंध में एक प्रमुख मीडिया ग्रुप ने खबर दी थी कि पवार और उनका परिवार पुणे टीम की नीलामी में शामिल रहा था, जिसे बाद में सहारा समूह ने खरीद लिया।
त्रिपाठी ने कहा, "यह सच है कि कंपनी ने जनवरी में देशपांडे को कंपनी की ओर से बोली में शामिल होने का अधिकार दिया था लेकिन फिर मार्च में उस निर्णय को रद्द कर दिया गया था। कंपनी ने साफ कर दिया था कि पुणे फ्रेंचाइजी की बोली से उसका कोई संबंध नहीं है।"
त्रिपाठी ने कहा कि बोली में शामिल होने के दौरान देशपांडे ने इस संबंध में दस्तावेज संलग्न किए थे कि कंपनी का मालिकाना हक हासिल करने के साथ ही वह इसे चलाने के लिए एक नई कंपनी का गठन करेंगे। देशपांडे ने पूरी तरह व्यक्तिगत आधार पर नीलामी में हिस्सा लिया था।
पवार ने भी शुक्रवार को कहा था कि उस नीलामी में उनका और उनके परिजनों का कोई हाथ नहीं रहा है। पवार के अलावा उनकी सांसद पुत्री सुप्रिया सुले ने भी मुंबई में एक संवाददाता सम्मेलन के जरिए इस बात का खंडन किया था कि उनका परिवार पुणे टीम की नीलामी प्रक्रिया में शामिल नहीं रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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