बुनियादी ढांचा और मानव संसाधन में निवेश की जरूरत : प्रणब
दक्षिण कोरिया के बुसान में हो रहे जी-20 वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में मुखर्जी ने कहा कि राजस्व घाटा पूरा करने के नाम पर विकासशील देशों को सहायता बंद नहीं की जानी चाहिए।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार मुखर्जी ने अपने संबोधन में कहा, " विकासशील देशों में बुनियादी ढांचा और मानव संसाधन विकास पर निवेश करने की जरूरत है जिससे वह सतत विकास की राह पर बढ़ सकें। हमें दुनिया को यह आश्वस्त करना होगा कि राजस्व समेकन के नाम पर विकासशील देशों को जारी सहायता में कटौती नहीं होगी। "
उन्होंने कहा कि ऋण-जाल से उबरने का एकमात्र रास्ता यह है कि अर्थव्यवस्थाओं की विकास गति बढ़े और और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, क्योंकि वसूली के हालिया प्रयास विफल रहे हैं।
उन्होंने कहा, "असंतुलन एवं संवृद्धि में तालमेल बिठाने के लिए ढांचागत पुनर्निमाण एकमात्र अधिक प्रभावी नीति है। मुझे आशंका है कि विकासशील देश ऐसा करने में सक्षम हो पाएंगे। ऐसे में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे, क्योंकि दुनिया के कई हिस्से वसूली के मामले में असफल रहे हैं।"
जी-20 वित्त मंत्रियों का सम्मेलन जिसका समापन शनिवार को हो रहा है, में कई देशों ने राजस्व घाटे को कम करने के लिए वित्तीय प्रणाली में सुधार लाने पर जोर दिया, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था सुदृढ़ हो।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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