लाहौर में अस्पताल पर हमला, 5 मरे (लीड-2)
डॉन और द न्यूज के मुताबिक जिन्ना अस्पताल पर हुए आतंकी हमले में तीन पुलिसकर्मियों सहित पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि इदी बचाव सेवा ने मरने वालों की संख्या आठ बताई है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक जावेद अकरम ने कहा कि हमले में 12 लोगों की मौत हुई।
लाहौर में गत शुक्रवार दो मस्जिदों पर हुए हमले में अहमदिया समुदाय के 10 लोगों के साथ जख्मी एक आतंकवादी मौज उर्फ अमीर मौविया का इलाज अस्पताल में चल रहा था। सोमवार रात में करीब 11.45 बजे यहां हमला हुआ।
पुलिस महानिदेशक सलीम डोगर ने पत्रकारों से कहा कि मौज की हत्या करने या उसे यहां से निकाल लेने के मंसूबे से चार हमलावरों ने अस्पताल पर हमला किया था।
उन्होंने बताया कि हमले में तीन पुलिस अधिकारी मारे गए। साथ ही इसमें दो नागरिक भी शिकार हो गए जिनमें एक महिला और एक पुरुष शामिल है, जबकि छह अन्य लोग घायल हो गए थे।
समाचार वेबसाइट 'द न्यूज' ने बताया, "हमलावरों के लिए यह स्थान बड़ा आश्चर्यजनक था। वे इस इमारत में करीब 90 मिनट तक रुके और पुलिस बलों की पूरी नाकेबंदी के बावजूद फरार होने में सफल रहे। सबसे शर्मनाक यह रहा कि आतंकवादी पुलिस वाहन लेकर भाग गए।"
वेबसाइट ने बताया, "हमलावर अस्पताल से सही सलामत भागने में कामयाब रहे, हालांकि उनका एक साथी जख्मी था।"
पुलिस ने हमलावरों को पकड़ने के लिए हुंजरवाल पुलिस थाने की सीमा को बंद किया था। इसके बावजूद आतंकवादी उनके वाहन लेकर फरार हो गए।
इस बीच मंगलवार को मौज को कड़ी सुरक्षा में कोट लखपत जेल में ले जाया गया है। उसका इलाज जिन्ना अस्पताल में चिकित्सकों का एक दल कर रहा था।
अस्पताल में आतंकवादियों और पुलिस के बीच हुई भारी गोलीबारी के चलते मरीजों, चिकित्सकों और अन्य सहयोगी कर्मचारियों में दहशत फैल गई थी।
अल्लमा इकबाल मेडिकल कॉलेज के प्रशासनिक निदेशक सलाहुद्दीन के मुताबिक हमलावर पीछे के दरवाजे से अस्पताल में घुसे थे। जिन्ना अस्पताल इससे सटा हुआ है।
उन्होंने पत्रकारों से कहा,"हम सीसीटीवी कैमरा के फुटेज लेने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ दिक्कतें आ रही हैं।"
प्रधामंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और कहा कि इस तरह के अमानवीय क्रूरतम घटना को वहीं लोग अंजाम देंगे जिनमें इंसानियत नहीं है।
यह हमला तालिबान आतंकवादियों के उस हमले के चार दिन बाद हुआ है जिसमें लाहौर के गारही साहू और मॉडल टाउन इलाके में अहमदिया समुदाय के दो मस्जिदों में किए गए विस्फोट में कम से कम 62 लोग मारे गए थे। इस विस्फोट में कई लोग घायल भी हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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