सुरक्षा के लिए निजी-सार्वजनिक भागीदारी पर जोर दे सरकार : सीआईआई
सीआईआई और सॉफ्टवेयर कंपनी एचसीएल द्वारा किए गए एक सह अध्ययन में कहा गया है, "नई सुरक्षा चुनौतियों ने निजी-सार्वजनिक बाधाओं को खत्म कर दिया है। अब निजी और सरकारी क्षेत्र के बीच इस मुद्दे पर नियमित और व्यवस्थित आदान-प्रदान की जरूरत हैं।"
रिपोर्ट में 'सुरक्षित शहर' की अवधारणा की चर्चा की गई है, जिसमें वर्तमान सुरक्षा प्रक्रिया और स्थानीय सुरक्षा मशीनरी के साथ प्रौद्योगिकी को जोड़ने की बात कही गई है।
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, "महत्वपूर्ण शहरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सभी बड़े शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, कोलकता, बेंगलुरू, चेन्नई और हैदराबाद में शीघ्र ही एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था लागू करना चाहिए।"
रिपोर्ट में नियमित सुरक्षा समीक्षा की बात कही गई ताकि चिंता वाले क्षेत्रों की पहचान की जा सके और उसका समाधान निकाला जा सके।
एचसीएल सिक्योरिटी के मुख्य कार्यकारी निदेशक रोथिन भट्टाचार्य ने कहा, "ऐसी व्यवस्था में केंद्रीकृत फैसले के अलावा दैनिक गतिविधियों जैसे ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन को भी शामिल किया जा सकता है।"
रिपोर्ट में कहा गया है, "कारपोरेट जगत इस बारे में कई तरह से सहायता कर सकता है। वे बड़े एकीकृत अनुभवों को बांट सकते हैं और एक बड़े एकीकृत व्यवस्था का विकास कर सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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