उत्तर भारत में भीषण गर्मी से मामूली राहत (लीड-1)
नई दिल्ली, 30 मई (आईएएनएस)। उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज हवाओं के चलने और बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आई है जिससे लोग मामूली राहत महसूस कर रहे हैं। पिछले 24 घंटों के दौरान हालांकि पूर्वी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू का कहर जारी रहा।
आंध्र प्रदेश के तेलंगाना स्थित रामागुनदाम और रेंताचिंताला पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे गर्म स्थान रहे। यहां का अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दिल्ली में रविवार को मौसम खुशगवार रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने आंशिक बादल छाने और बारिश होने की संभावना व्यक्त की है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक अधिकारी ने बताया, "दोपहर या शाम के समय छिटपुट बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना के बीच आसमान पर आंशिक बादल छाए रहेंगे।"
दिल्ली के कुछ हिस्सों में शनिवार शाम को हल्की बूंदा-बांदी हुई। जिससे दिल्लीवासियों ने दिन भर की तपिश से राहत महसूस की।
रविवार सुबह न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो साल के इस समय के औसत से एक डिग्री सेल्सियस कम है। आईएमडी के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने के आसार हैं। सुबह आर्द्रता का स्तर 3.5 प्रतिशत रहा।
उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में अगले 15 जून तक मानसून के पहुंचने के आसार लगाए जा रहे हैं। दक्षिणी पश्चिमी मानसून के दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान के कुछ हिस्सों, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक आने की संभावना है।
आईएमडी के अनुसार एक से पांच जून तक केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश होते हुए मानसून पूर्वोत्तर के राज्यों में पहुंचेगा।
महाराष्ट्र के तटीय इलाकों से 10 जून तक मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा। पश्चिमी भारत के गुजरात की ओर से चलने वाला मानसून राजस्थान, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और उत्तर प्रदेश तक आएगा, वहीं हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में इसके एक जुलाई तक आने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 मई के आसपास बंगाल की खाड़ी के ऊपर सामान्य तौर पर दक्षिणी-पश्चिमी मानसून को देखा गया और यह 20 मई के करीब दक्षिणी अंडमान सागर पर छा गया।
मौसम विभाग के अनुसार इस साल दक्षिणी-पश्चिमी मानसून बंगाल की खाड़ी, अंडमान निकोबार एवं द्वीप समूह और अंडमान सागर के अधिकतर हिस्सों में 17 मई तक आ गया।
मानसून दक्षिण के तटीय इलाकों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और पूर्व-मध्य के अधिकतर भागों में 21 मई तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून केरल तक 31 मई तक पहुंच जाएगा। यह कर्नाटक के तटीय इलाकों और दक्षिणी तमिलनाडु में एक जून तक पहुंच सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ और गरज के साथ छीटें पड़ने की वजह से पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूर्व की बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक मानसून के चार से 10 जून के दौरान दक्षिणी अरब सागर के ऊपर से गुजरने की उम्मीद है। इस हफ्ते में भारत के तटीय हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं।
दक्षिणी कोंकण, गोवा, पश्चिम तटीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून के समय से पहले पहुंचने की प्रबल संभावना है। उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती दिख रही है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय उड़ीसा और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ आंधी आ सकती है।
इस अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ आंधी आने का अनुमान व्यक्त किया गया है। आईएमडी के अनुसार पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले 48 घंटों के भीतर भारी बारिश हो सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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