उत्तर भारत में गर्मी से राहत, मानसून 15 जून तक (राउंडअप)
दिल्ली में शनिवार को हुई बूंदाबांदी और हवाओं की वजह से मौसम सुहाना रहा और लोगों ने सप्ताहांत में छुट्टी का पूरा आनंद लिया। राजधानी में रविवार को अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
देश के बाकी तीन महानगरों मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में अधिकतम तापमान क्रमश: 34.8, 36.7 और 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
इधर, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में ग्लेशियर पिघलने और लगातार बारिश के चलते अचानक आई बाढ़ से निकटवर्ती राज्य जम्मू-कश्मीर से प्रदेश का सड़क संपर्क टूट गया है।
आवास आयुक्त गोपालचंद ने आईएएनएस से कहा, "दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और एक ग्लेशियर के पिघलने से चंबा जिले की पंजी घाटी में अचानक आई बाढ़ से कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।"
उन्होंने कहा, "बाढ़ के चलते कई आवासीय इलाके पूरी तरह बह गए हैं।"
पंजी के मुख्यालय किल्लर को जम्मू-कश्मीर के किश्तवार से जोड़ने वाले राज्य के प्रमुख राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। गर्मियों में इस इलाके में दुनियाभर के हजारों पर्यटक आते हैं। मौसम बदलने के कारण साल के करीब छह महीने तक यह इलाका दूसरे इलाकों से पूरी तरह अलग-थलग हो जाता है।
पिछले 24 घंटों के दौरान हालांकि पूर्वी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू का कहर जारी रहा।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में अगले 15 जून तक मानसून के पहुंचने के आसार हैं। दक्षिणी पश्चिमी मानसून के दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान के कुछ हिस्सों, गुजरात और पश्चिम बंगाल तक आने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार एक से पांच जून तक केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश होते हुए मानसून पूर्वोत्तर के राज्यों में पहुंचेगा।
महाराष्ट्र के तटीय इलाकों से 10 जून तक मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, झारखण्ड और पश्चिम बंगाल की ओर बढ़ेगा। पश्चिमी भारत के गुजरात की ओर से चलने वाला मानसून राजस्थान, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और उत्तर प्रदेश तक आएगा, वहीं हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में इसके एक जुलाई तक आने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 मई के आसपास बंगाल की खाड़ी के ऊपर सामान्य तौर पर दक्षिणी-पश्चिमी मानसून को देखा गया और यह 20 मई के करीब दक्षिणी अंडमान सागर पर छा गया।
मौसम विभाग के अनुसार इस साल दक्षिणी-पश्चिमी मानसून बंगाल की खाड़ी, अंडमान निकोबार एवं द्वीप समूह और अंडमान सागर के अधिकतर हिस्सों में 17 मई तक आ गया।
मानसून दक्षिण के तटीय इलाकों, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और पूर्व-मध्य के अधिकतर भागों में 21 मई तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून केरल तक 31 मई तक पहुंच जाएगा। यह कर्नाटक के तटीय इलाकों और दक्षिणी तमिलनाडु में एक जून तक पहुंच सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ और गरज के साथ छीटें पड़ने की वजह से पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूर्व की बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक मानसून के चार से 10 जून के दौरान दक्षिणी अरब सागर के ऊपर से गुजरने की उम्मीद है। इस हफ्ते में भारत के तटीय हिस्सों में बारिश होने के आसार हैं।
दक्षिणी कोंकण, गोवा, पश्चिम तटीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून के समय से पहले पहुंचने की प्रबल संभावना है। उत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में बारिश की संभावना से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती दिख रही है। झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तटीय उड़ीसा और पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 48 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ आंधी आ सकती है।
इस अलावा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के भीतर गरज-चमक के साथ आंधी आने का अनुमान व्यक्त किया गया है। आईएमडी के अनुसार पूर्वोत्तर के राज्यों में अगले 48 घंटों के भीतर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश और हरियाणा में धूल भरी आंधी और गरज के साथ छिटपुट बारिश के आसार हैं। अंडमान निकोबार एवं द्वीप समूह, केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों और पूर्वोत्तर के राज्यों में वर्षा के अनुमान हैं।
उधर, पश्चिम बंगाल,बिहार और झारखण्ड में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान में धूल भरी हवाओं के अगले दो दिन तक बने रहने की संभावना जाहिर की गई है।
मध्य भारत से सटे इलाकों और पश्चिमोत्तर में अधिकतम तापमान में अगले 48 घंटों तक किसी बदलाव के संकेत नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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