बोतलबंद पानी इकाइयों की जांच कराए दिल्ली सरकार : अदालत
न्यायाधीश एस. मुरलीधर ने सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वह बिना लाइसेंस व भारतीय मानक ब्यूरो के प्रमाणपत्र के बोतलबंद पानी तैयार करने और बेचने वालों पर रोक लगाए।
अदालत ने यह निर्देश बोतलबंद पानी तैयार करने वाली वैध कंपनियों के संगठन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। संगठन का कहना है कि दिल्ली में अवैध तरीके से बोतलबंद पानी तैयार करने वाली इकाइयों की भरमार है जो नियमों का पालन नहीं कर रही हैं।
संगठन ने अदालत को बताया कि उसने केंद्र सरकार का भी ध्यान इस मामले पर दिलाया था, लेकिन अवैध इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
अदालत ने दिल्ली सरकार को टास्क फोर्स गठित कर बिना लाइसेंस व भारतीय मानक ब्यूरो प्रमाणपत्र के चल रही इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
पिछले हफ्ते जारी आदेश में अदालत ने कहा था कि टास्क फोर्स में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, खाद्य पदार्थो में मिलावट पर नजर रखने वाले विभाग व भारतीय मानक ब्यूरो के वरिष्ठ प्रतिनिधियों एवं दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया जाए।
अदालत ने कहा है कि टास्क फोर्स विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा तथा विशेष दस्ता गठित कर विभिन्न इलाकों में चल रही बोतलबंद पानी की अवैध इकाइयों का औचक निरीक्षण करेगा। यह दस्ता खाद्य पदार्थो में मिलावट रोकने संबंधी अधिनियम व भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम का पालन नहीं करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करेगा।
अदालत ने कहा कि गर्मी के महीनों में जलजनित रोगों के बढ़ते मामलों के मद्देनजर यह जरूरी है कि सभी निर्देशों का पालन समय पर किया जाए।
अदालत ने कहा है कि यह अनिवार्य है कि भारतीय मानक ब्यूरो के चिह्न् वाली बोतलबंद पानी ही तैयार किया जाए, बेचा जाए और बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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