बीजिंग पहुंचीं राष्ट्रपति, व्यापार को मिलेगा बढ़ावा (लीड-2)
बीजिंग, 27 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील बुधवार को छह दिन के दौरे पर चीन पहुंच गईं। उनका यह दौरा उस वक्त हो रहा है, जब एशिया के ये दोनों प्रमुख देश कूटनीतिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।
यद्यपि, हाल के वर्षो में दोनों देशों के बीच पनपे अविश्वास और सीमा-विवादों को लेकर तनाव को देखते हुए इस यात्रा से बहुत कुछ हासिल होने की आशा करना बेमानी होगी।
पाटील अपने चीनी समकक्ष हू जिनताओ से मुलाकात करेंगी, भारतीय शैली में बने बौद्ध मंदिर का उद्घाटन करेंगी और शंघाई में लगी विश्व प्रदर्शनी देखेंगी। वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के नई दिल्ली के दावे को चीन के समर्थन का मुद्दा भी उठाएंगी।
वह 60 प्रभावी व्यापारिक प्रतिनिधियों से मिलेंगी, जो व्यापार को सही दिशा देने के लिए प्रयासरत हैं। इन प्रतिनिधियों में भारत के तीन शीर्ष व्यापारिक संगठनों के सदस्य शामिल हैं। पाटील बीजिंग के बाद शंघाई व लुयोयांग जाएंगी।
भारतीय राष्ट्रपति चीनी समकक्ष हू से गुरुवार को मिलेंगी। वह चीनी नेताओं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के चेयरमैन वू बंग्गुओ और प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ से भी मुलाकात करेंगी।
पाटील बुधवार को शाम छह बजे बीजिंग हवाई अड्डे पर पहुंचीं, जहां चीन के सहायक विदेश मंत्री हू झेंग्यू ने उनकी अगवानी की। वहां भारतीय राजदूत एस. जयशंकर भी मौजूद थे।
लाल जैकेट व सफेद पाजामे पहने बच्चों व नीली वर्दी पहने चीनी सैनिकों ने भारतीय राष्ट्रपति का स्वागत किया। पाटील ने मीडियाकर्मियों से कहा कि भारत-चीन का संबंध सुदृढ़ रहा है। दोनों देश बड़े पड़ोसियों की तरह हैं और दोनों की शक्तियां मिल जाएं तो क्षेत्रीय शांति स्थापित होगी, स्थायित्व व सौहार्द बढ़ेगा।
यह पूछने पर कि क्या वह सुरक्षा परिषद में भारत को स्थायी सीट दिलाने के मसले पर भी वह हू से बातचीत करेंगी, पाटील ने कहा कि ऐसा संभव है।
हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में पाटील ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम रणनीतिक व सहयोगपूर्ण मैत्री चाहते हैं। हमने आपसी सहयोग के लिए बहुआयामी रणनीति तैयार की है। 21वीं सदी के लिए हमारी दृष्टि सौहार्दपूर्ण है।
अनसुलझे सीमा विवादों के बारे में उन्होंने कहा कि हम इस सवाल का स्पष्ट और आसान समाधान खोजना चाहते हैं। इसके लिए खाका तैयार किया गया है। दोनों ओर से विशेष प्रतिनिधि इस पर कार्य करेंगे। इन परिस्थितियों में समाधान निकालना बेहद जरूरी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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