देश में 92 हजार विचाराधीन कैदी रिहा
केंद्रीय विधि मंत्रालय के मुताबिक एक अनुमान के अनुसार देश में विभिन्न अपराधों के लिए 300,000 लोग मुकदमा का सामना कर रहे हैं। इस साल के शुरू में विधि मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि जेल में बंद कुल कैदियों में 70 फीसदी विचाराधीन कैदी हैं।
एक अनुमान के मुताबिक इस साल जुलाई के अंत तक देश भर के विभिन्न जेलों में कैद 300,000 कैदियों में से दो तिहाई के रिहा होने की संभावना है।
बुधवार देर रात जारी बयान के मुताबिक विधि और न्याय मंत्री वीरप्पा मोइली की पहल पर न्याय प्रणाली में तेजी लाने और इसमें सुधार लाने के साथ ही विचाराधीन मामलों में कमी लाने के लिए नेशनल मिशन की शुरुआत की गई है।
देश में सबसे ज्यादा विचाराधीन कैदी 29,009 उत्तर प्रदेश में हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश (9,116), दिल्ली (8,701), उड़ीसा (8,566), महाराष्ट्र (7,252), पंजाब (3,219), गुजरात (3,101), हरियाणा (2,169), केरल (2,334) और कर्नाटक (1,081) शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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