बुद्ध की जन्मस्थली में फीकी रही बुद्ध पूर्णिमा
काठमांडू, 27 मई (आईएएनएस)। दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में गुरुवार को बुद्ध पूर्णिमा धूमधाम से मनाई गई, वहीं बुद्ध की जन्मस्थली नेपाल में आपातस्थिति और राष्ट्रपति शासन की छाया के बीच इसकी चमक फीकी हो गई है।
नेपाल में छाए राजनीतिक अनिश्चितता के बादलों की वजह से भगवान बुद्ध की 2554वीं जयंती के मौके पर दक्षिणी नेपाल के लुम्बिनी शहर में बुद्ध पूर्णिमा को लेकर उत्साह फीका रही।
भारतीय सीमा से लगे दक्षिणी नेपाल के लुम्बिनी में बौद्ध धर्म के संस्थापक का एक राजसी परिवार में जन्म हुआ था।
प्रधानमंत्री के इस्तीफे को लेकर विपक्ष के आंदोलन को देखते हुए राष्ट्रपति राम बरन यादव और प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने गुरुवार को अपना लुम्बिनी का निर्धारित दौरा रद्द कर दिया।
माओवादियों के प्रदर्शनों के कारण राजधानी काठमांडू में युद्ध जैसी स्थिति है।
सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्षी माओवादी पार्टी के बीच वार्ता के लगातार असफल रहने के कारण देश में संवैधानिक संकट की स्थिति पैदा होती दिख रही है। संकट को देखते हुए शुक्रवार रात से संसद और सरकार को भंग करने का खतरा पैदा हो गया है।
माओवादियों और राजनीतिक दलों के बीच चार साल पहले हुए शांति समझौते के मुताबिक 28 मई तक देश में नया संविधान तैयार किया जाना था, लेकिन पार्टियों के बीच सत्ता को लेकर विवाद के कारण इसे पूरा नहीं किया जा सका।
वर्ष 2008 में संसद के लिए चुनाव में माओवादी पार्टी बड़े दल के रूप में उभरा लेकिन कुछ दिनों तक सत्ता का सुख उठाने के बाद उसके नेता पुष्प कमल दहाल प्रचंड को प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा।
वर्तमान में देश में माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व में गठबंधन सरकार है जिसका माओवादी विरोध कर रहे हैं। वे नेपाल के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications