राष्ट्रपति बुधवार से चीन दौरे पर
अधिकारियों ने कहा कि पाटील के साथ 60 सदस्यीय व्यापारिक शिष्टमंडल भी होगा, जिसमें देश के तीनों शीर्ष व्यापारिक चैंबर्स के सदस्य शामिल होंगे। पाटील राजधानी बीजिंग और हेनान प्रांत में लुओयांग का भी दौरा करेंगी।
ताईवान, हांगकांग और मैकाओं को छोड़ कर चीन में 22 प्रांत हैं।
अधिकारियों ने कहा कि पिछले 10 वर्षो के दौरान चीन का दौरा करने वाली पाटील पहली भारतीय राष्ट्रपति होंगी। इस दौरान पाटील चीन के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी। इसमें नेशनल पीपुल्स कांग्रेस के अध्यक्ष वू बैंगुओ और प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के नाम शामिल हैं।
पाटील के दौरे की एक अन्य खास बात लुओयांग का दौरा होगा। वहां वह चीनी जनता को भारतीय शैली का एक बौद्ध मंदिर समर्पित करेंगी, जो मध्य प्रदेश के सांची स्तूप से प्रेरित है।
वर्ष 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लुओयांग का दौरा किया था। उसी दौरान इस मंदिर का प्रस्ताव चीनियों की ओर से किया गया था। वाजपेयी ने इस विचार को सहर्ष स्वीकार कर लिया था।
पाटील व्हाइट हार्स टेंपल का भी दौरा करने वाली है।
ज्ञात हो कि पाटील का चीन दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2008 में 34 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 51.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। यद्यपि 2009 में गिरावट के साथ दोनों देशों के बीच व्यापार 43.27 अरब डालर पर आ गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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