थाईलैंड सरकार के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव
बैंकाक, 24 मई (आईएएनएस)। थाईलैंड में विपक्ष ने दो महीने तक चले विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए सोमवार को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इन विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 85 लोग मारे गए थे।
पियूआ थाई पार्टी ने संसद के ऊपरी सदन के स्पीकर प्रसोब सुकबूंदेज और निचले सदन के स्पीकर चाय चित्चोब को सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। उनके पास इस प्रस्ताव के अध्ययन के लिए सात दिन हैं।
विपक्ष ने प्रधानमंत्री अभिसित वेज्जाजीवा, उपप्रधानमंत्री सुतहेप थंगुस्बन, आंतरिक मंत्री चावारत चार्नविराकुल और परिवहन मंत्री सपन जरूम के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव भी पेश किया है।
गत 13 मई को सरकार ने सेना को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई के आदेश दिए थे। प्रदर्शनकारी संसद भंग कर देश में नए चुनाव कराने की मांग को लेकर गत तीन अप्रैल से आंदोलनरत थे।
सेना की कार्रवाई शुरू होते ही आंदोलनकारी नेताओं ने आत्मसमर्पण करते ही रेड शर्ट्स के कट्टर सदस्य हिंसा पर उतारू हो उठे थे और उन्होंने शहर में जमकर आगजनी और लूटपाट की थी। उन्होंने बैंकों की 36 शाखाओं को आग लगा दी। इस हिंसा में 54 लोग मारे गए करीब 400 घायल हो गए।
यूनाइटेड फ्रंट ऑफ डेमोक्रेसी अगेंस्ट डिक्टेटरशिप पिउआ थाई पार्टी का ही विस्तार है, जिसके नेता पूर्व भगोड़े प्रधानमंत्री थाकशिन शिनावात्रा हैं। सरकार का कहना है कि रेड शर्ट्स संगठन को शिनवात्रा राजनीतिक और वित्तीय समर्थन हासिल है।
यूनाइटेड फ्रंट फॉर डेमोक्रेसी अगेंस्ट डिक्टेटरशिप ने गत 12 मार्च को प्रदर्शन शुरू किए थे। इन विरोध प्रदर्शनों में 85 लोग मारे गए थे और 14 सौ से ज्यादा घायल हो गए थे।
मरने वालों में दो विदेशी पत्रकार भी थे। इनमें एक इटली और दूसरा जापान का था।
इस बीच बैंकाक में रात का कर्फ्यू जारी है। यहां रात 11 बजे से लेकर सुबह चार बजे तक कर्फ्यू लगाया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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