'गोवा विस्फोट का आरोपी धर्मप्रचारक था'
एनआईए ने यह भी कहा है कि मालगोंडा पाटिल सनातन संस्था का सदस्य था जिसके 11 सदस्य साजिश रचने के आरोपी ठहराए गए हैं। वह यहां से 30 किलोमीटर दूर पोंडा में संस्था के साधुओं के लिए बनाए गए क्वोटर्स में रहता था।
संस्था के पाटिल और योगेश नायक की 16 अक्टूबर 2009 को उस समय मृत्यु हो गई थी जब वे भीड़भाड़ वाली जगह पर विस्फोट के लिए डायनामाइट की छड़ें रखने जा रहे थे, लेकिन दुर्घटनावश उनमें विस्फोट हो गया।
सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में कहा है मालगोंडा पाटिल स्नातक था और कन्नड़ साप्ताहिक सनातन प्रभात में लिखा करता था। वह इस उद्देश्य के लिए पाठकों के घर भी जाया करता था।
आरोप पत्र में कहा गया है कि पाटिल ने गोवा मुख्यालय में आने से पहले आश्रम में महाराज का काम भी किया था। यहां वह प्रबंधन का काम देखता था और आश्रम के सदस्यों के साथ समन्वय का जिम्मा उठाता था।
पाटिल पोंडा में सनातन संस्था का एक सक्रिय सदस्य था और विभिन्न स्थानों पर सत्संग किया करता था।
पंडित और नायक उन 11 सदस्यों में थे जिन्हें दीवाली की पूर्व संध्या पर हुए विस्फोट का आरोपी ठहराया गया था। एनआईए ने हालांकि हिदू संगठन को साजिश का आरोपी नहीं ठहराया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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