प्रधानमंत्री ने 2जी स्पेक्ट्रम नीलामी प्रक्रिया का बचाव किया
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दूसरे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर विज्ञान भवन में एक संवाददाता सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2001 की कीमतों पर 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन के संदर्भ में कहा, "राजा ने पहले से मौजूद एक नीति को लागू किया।"
उन्होंने कहा, "नए खिलाड़ियों के लिए नए मापदंड लागू करना अनुचित होता।"
सरकार को 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से मिले 15 अरब डॉलर को देखते हुए मीडिया में इस बात को लेकर लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी गैर-वाजिब कीमतों पर कर दी गई। इससे सरकार को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 2जी स्पेक्ट्रम की नीलामी को 15 अरब का घोटाला बताते हुए राजा के इस्तीफे की मांग की थी।
परंतु प्रधानमंत्री ने कहा कि नीति का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा, "आपको इसे सही परिप्रेक्ष्य में देखना चाहिए। दोनों नियामक संस्थाओं भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) और दूरसंचार आयोग ने 2जी स्पेक्ट्रम पर नीति को स्वीकृति दी थी।"
उन्होंने कहा कि शिकायतें मिलने के बाद और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा मामले की जांच किए जाने के कारण इस पर अधिक टिप्पणी करना अनुपयुक्त होगा।
मनमोहन सिंह ने कहा, "हमारी सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहुत स्पष्ट है। यदि यह पता चलता है कि किसी भी स्तर पर कोई इसमें शामिल है तो हम कदम उठाएंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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